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बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता से रियल एस्टेट सेक्टर के सेंटिमेंट कमजोर, रिपोर्ट में दावा

मुंबई । बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देश के रियल एस्टेट सेक्टर के सेंटिमेंट यानी भावना लगातार कमजोर होती जा रहे हैं। राष्ट्रीय रियल एस्टेट विकास परिषद (नरेडको) और नाइटफ्रैंक के सेंटिमेंट इंडेक्स 2026 की पहली तिमाही की रिपोर्ट जारी कर बताया है कि मौजूदा सेंटिमेंट स्कोर 60 से गिरकर 49 पर और भविष्य का सेंटिमेंट स्कोर 61 से गिरकर 50 पर आ गया है। वैश्विक अनिश्चितता के बीच रियल एस्टेट सेक्टर सतर्कता के दौर में प्रवेश कर गया है।
नरेडको के अनुसार सेंटिमेंट में यह नरमी वैश्विक व्यापक आर्थिक अस्थिरता के कारण है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने मुद्रास्फीति के दबाव को बढ़ाया है, जिससे निर्माण और लॉजिस्टिक लागत प्रभावित हुईं हैं और परियोजनाओं की व्यवहार्यता पर असर पड़ा है। साथ ही सख्त परिस्थितियों की वजह से स्टॉकहोर्ल्डस अधिक सतर्क रुख अपना रहे हैं। हालांकि भारत की आर्थिक बुनियाद काफी स्थिर और मजबूत बनी हुई है, बावजूद इसके भू-राजनीतिक परिस्थितयां अब रियल स्टेट की मांग और आपूर्ति की गतिशितला को प्रभावित कर रही हैं।
नरेडकों और नाइटफ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार आवासीय यानी घरों की मांग में नरमी देखने को मिल रही है। वर्ष 2026 की पहली तिमाही में बिक्री और नई लॉन्च में नरमी देखी गई है, जो चक्रीय समकेन और खरीदारों की सतर्कता को दर्शता है। निकट भविष्य में मांग में और कमजोरी आने की संभावना है, जबकि संपत्ति की कीमतें स्थिर बनी रह सकती हैं, या बढ़ती रह सकती है। लेकिन भविष्य के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं। रिपोर्ट बताती है कि 52 प्रतिशत उत्तरदाताओं का कहना है, घरों बिक्री में गिरावट आएगी।
आपूर्ति पक्ष पर भी इसी तरह की नरमी देखने को मिल रही है, क्योंकि नए प्रोजेक्ट लॉन्च की गति धीमी हो गई है और डेवलपर्स अधिक सतर्क हो गए हैं। वही मांग कमजोर होने के बाद भी घरों की कीमतें अभी भी मजबूत बनी हुई हैं। लगभग 73 उत्तरदाताओं का कहना है कि कीमतें या तो बढ़ेंगी या फिर स्थिर रहेंगी। इसकी मुख्य वजह बढ़ती लागत जिसमें निर्माण सामग्री, लेबर और ऋण कीमतों को ऊंचा बनाए रखना है। ये लागत घरों की कीमतों को बढ़ा सकती हैं।
आॅफिस बाजार में वृद्धि की उम्मीद फिलहाल देखने को मिल रही है। लिजिंग स्थिर रहने की उम्मीद है। जिसकी मुख्य वजह प्रमुख बाजारों में सीमित आपूर्ति किराय में वृद्धि को समर्थन दे रही हैं। इसलिए हम आनेवाले अवधि में इस बाजार में स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि पिछली तिमाहियों की तुलना में वृद्धि की गति धीमी हुई है। आॅफिस लिजिंग मांग स्थिर बनी हुई है।
नरेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण जैन ने कहा, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और मुद्रास्फीति के दबाव के बीच अचल संपत्ति क्षेत्र की भावना में नरमी आई है। हालांकि यह आवासीय बाजार की मूलभूत मजबूती में किसी कमी के बजाए अल्पकालिक सतर्कता को दशार्ता है। आवासीय भावना में आई इस नरमी को एक लंबे समय तक इस क्षेत्र में हुई खरीदारी के बाद पुर्नसंतुलन के रूप में देखा जा सकता है। वहीं आॅफिस बाजार में वृद्धि की उम्मीद फिलहाल देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा वैश्विक अनिश्चतता जैसे-जैसे कम होंगी घरों की मांग में फिर से गति आएगी।

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