आवासीय इलाकों में संचालित 1500 चिकित्सीय सस्थानों को नोटिस:नए लाइसेंस आवेदन पर भी होल्ड

आगरा। शहर के आवासीय इलाकों में संचालित अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर आवास विकास परिषद ने सख्ती बढ़ा दी है। परिषद की ओर से करीब 1500 चिकित्सीय संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से कुछ संस्थानों पर शहर में सीलिंग की कार्रवाई भी की जा चुकी है। कार्रवाई के बाद निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है।
इसी बीच मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में नए अस्पताल, लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर के लाइसेंस से जुड़े 198 आवेदन फिलहाल कुछ समय के लिए होल्ड पर रख दिए गए हैं। इससे नए संस्थान शुरू करने की तैयारी कर रहे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रवर्तन अधिकारी जीएम खन्ना ने बताया कि आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित हो रहे चिकित्सीय संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। परिषद की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और संबंधित संस्थानों से जवाब मांगा गया है।
दूसरी ओर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस कार्रवाई का विरोध जताया है। कटअ अध्यक्ष डॉ. पंकज नागेच ने कहा कि यदि इसी तरह अस्पतालों और लैबों पर कार्रवाई जारी रही तो डॉक्टरों को लामबंद होना पड़ेगा। उनका कहना है कि शहर में बड़ी संख्या में छोटे अस्पताल और जांच केंद्र आवासीय इलाकों में संचालित हैं, जहां लोगों को स्थानीय स्तर पर इलाज और जांच की सुविधा मिलती है।
कटअ ने चेतावनी दी है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई से चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। संगठन ने सरकार से मामले में व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने की तैयारी भी की जा रही है।
आवास विकास परिषद और डॉक्टर संगठनों के बीच बढ़ते विवाद के बाद अब इस मामले पर प्रशासनिक स्तर पर समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।




