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बीजू पटनायक पर बयान देकर फंसे निशिकांत दुबे, माफी मांगते हुए कहा- नेहरू के लिए कहा था

नई दिल्ली । बीते हफ्ते भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ओडिशा के पूर्व सीएम बीजू पटनायक को लेकर कुछ ऐसा कह दिया था, जिस पर खासा विवाद हुआ। अब निशिकांत दुबे ने अपने बयान पर माफी मांगी है। निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में बताया कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया और ये उनके व्यक्तिगत विचार थे।
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘पिछले हफ्ते मीडिया से बात करते हुए मैंने नेहरू गांधी परिवार के कारनामों के क्रम में कुछ बयान दिया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के अग्रणी नेताओं में शुमार बीजू पटनायक के संदर्भ में बोली गईं, मेरी बातों का गलत मतलब निकाला गया। यह मेरा व्यक्तिगत बयान है। नेहरू जी के ऊपर मेरे विचार को बीजू पटनायक के ऊपर समझा गया।’ निशिकांत दुबे ने कहा ‘बीजू बाबू हमारे लिए हमेशा ऊंचे कद के नेता रहे हैं और रहेंगे। मेरे वक्तव्य से अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं उसके लिए बिना शर्त माफी मांगता हूं।’
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 27 मार्च को एक बयान में दावा किया था कि 1960 के दशक में अमेरिका ने तिब्बत में अपने सैनिक और सीआईए एजेंट भेजे थे क्योंकि उसे डर था कि चीन तिब्बत पर कब्जा कर लेगा। दलाई लामा और उनके भाई लगातार अमेरिकी सरकार के संपर्क में थे। पंडित नेहरू ने पूरा युद्ध अमेरिका के पैसों और सीआईए के सहयोग से लड़ा। उस समय ओडिशा के मुख्यमंत्री बीजू पटनायक अमेरिका, सीआईए और नेहरू के बीच की कड़ी थे।
निशिकांत दुबे के बीजू पटनायक को लेकर दिए गए बयान के विरोध में बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया था। सभापति को लिखे पत्र में पात्रा ने कहा, ‘विरोध स्वरूप और सैद्धांतिक तौर पर मैं निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं ऐसे व्यक्ति के अधीन सेवा जारी नहीं रख सकता, जो दिवंगत बीजू पटनायक के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करता है, जैसा कि उन्होंने आज एक सार्वजनिक बयान में किया।’
भाजपा सांसद के बयान पर ओडिशा के पूर्व सीएम और बीजू पटनायक के पुत्र नवीन पटनायक ने कहा, ‘बीजू बाबू के बारे में जो अपमानजनक बातें की गईं, उन्हें सुनकर मैं हैरान हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे अच्छी तरह याद है कि चीनी हमले को लेकर बीजू बाबू कितने गुस्से में थे और उसे रोकने के लिए उन्होंने कितने प्रयास किए थे। इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान देने के लिए उन सांसद को किसी मनोचिकित्सक को दिखाने की जरूरत है।’

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