पुलिस का डर दिखाकर शिक्षक से 25 लाख ठगे:आतंकवादियों से संबंध होने का लगाया आरोप

आगरा। साइबर अपराधियों ने सेवानिवृत्त शिक्षक को आतंकवादियों से संबंध होने का आरोप लगाकर डराया और 25 लाख रुपये ठग लिए। ठग ने पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल किया। सुप्रीम कोर्ट का फर्जी गिरफ्तारी वारंट दिखाकर जेल भेजने की धमकी दी।
शमसाबाद के गांव बांगुरी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक तुकमान सिंह ने पुलिस को बताया कि 3 मार्च को उनके पास अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना परिचय इंस्पेक्टर रंजीत के रूप में देते हुए बताया कि उनके मोबाइल नंबर से आतंकियों से संपर्क किया गया है।
फिर वीडियो कॉल कर जेल जाने का डर दिखाते हुए गोपनीय जांच में साक्ष्य मिलने और सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी गिरफ्तारी वारंट निकलने की दबाव बनाते हुए डिजिटल अरेस्ट कर लिया।
साइबर ठग ने कहा कि अगर किसी को जानकारी दी तो तत्काल गिरफ्तारी और पूरे परिवार की हत्या भी हो सकती है। जब शिक्षक ने डरकर ठग के सामने पूरी तरह समर्पण कर दिया तो आरोपी ने पीड़ित के बैंक खाते से आतंकी फंडिंग की जांच की बात कही और मदद का आश्वासन देकर जांच में सहयोग करने को कहा।
बचने के झांसे में आकर शिक्षक ने ठग के कहने पर खुद को कमरे में बंद कर लिया। अगले दिन सुबह ही बैंक जाकर ठग के बताए बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 25 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
रकम ट्रांसफर होने के अगले दिन जब साइबर अपराधियों ने संपर्क बंद कर दिया तो उन्होंने मामले की जानकारी परिजन को दी। बच्चों के साइबर ठगी होने की बात कहने पर उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर जानकारी दी और थाना साइबर क्राइम को शिकायत दर्ज कराई।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई है, उसे फ्रीज कराया गया है। संबंधित नंबरों के आईपी एड्रेस और अन्य माध्यमों से आरोपियों की तलाश की जा रही है।




