आगरा

आगरा में फुल नहीं हो रही वाहनों की टंकी:टू व्हीलर में 200, कार में 1000 रुपए का मिल रहा पेट्रोल

आगरा । पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति बाधित होने की चचार्ओं का असर अब स्थानीय स्तर पर दिखने लगा है। आगरा में इन दिनों पेट्रोल पंपों पर ईंधन सीमित मात्रा में ही दिया जा रहा है। कई पंपों पर दोपहिया वाहनों में सिर्फ 200 रुपये का पेट्रोल डाला जा रहा है, जबकि कार चालकों को 1000 रुपये तक का ही ईंधन मिल पा रहा है। कुछ जगहों पर पेट्रोल खत्म होने के कारण पंपों को अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ा।
महज एक सप्ताह में ईंधन की खपत लगभग दोगुनी हो गई है। 20 मार्च को जिले में डीजल की बिक्री 1072 किलो लीटर थी, जो 27 मार्च को बढ़कर 2037 किलो लीटर पहुंच गई। जिले में कुल 374 पेट्रोल पंप हैं, जहां शुक्रवार को डीजल का स्टॉक 4387 किलो लीटर और पेट्रोल का 2819 किलो लीटर दर्ज किया गया।
सप्लाई में करीब 20 फीसदी की कटौती किए जाने से शहर से लेकर देहात तक कई पेट्रोल पंपों पर बिक्री प्रभावित हो रही है। कई पंप संचालकों ने सादे पेट्रोल की बिक्री बंद कर दी है और ग्राहकों को केवल प्रीमियम पेट्रोल दिया जा रहा है। वहीं सुनारी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म हो गया जिसकी वजह से लोगों को वापस लौटकर जाना पड़ा।
शास्त्रीपुरम क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल सीमित मात्रा में मिल रहा है। वहीं कमला नगर में शुक्रवार रात पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई। कई स्थानों पर सादा पेट्रोल उपलब्ध नहीं था। बोदला-सिकंदरा रोड स्थित कारगिल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म होने के कारण बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया। ग्वालियर रोड पर भी रात में इसी तरह के हालात रहे। वहीं शास्त्रीपुरम में एक पंप तो बंद ही हो गया।
साई की तकिया और कारगिल पंप को लेकर शिकायतें मिली हैं कि यहां सादा पेट्रोल नहीं दिया जा रहा, केवल प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री की जा रही है। बाह और ग्वालियर रोड के कुछ पंपों पर डीजल लेने पहुंचे लोगों को बिना ईंधन लिए लौटना पड़ा।
जिले में प्रतिदिन प्रीमियम पेट्रोल की खपत करीब 25 हजार किलो लीटर है, जबकि सादा पेट्रोल की बिक्री लगभग 1000 किलो लीटर ही है।
उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बाइक चालक गोलू अग्रवाल ने बताया कि वह सुनारी के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल लेने पहुंचे, लेकिन वहां पेट्रोल नहीं मिला। इसके बाद शास्त्रीपुरम के एक पंप पर उन्हें सिर्फ 200 रुपये का ही पेट्रोल दिया गया।
सप्लाई में कटौती और बढ़ती मांग के चलते शहर में ईंधन संकट जैसे हालात बन गए हैं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

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