अंतरराष्ट्रीय

हर धमकी का करारा जवाब दे रहा ईरान, कहा- खर्ग को बनाया निशाना तो खाड़ी देशों में बिछाएंगे बारूदी सुरंगे

तेहरान । पश्चिम एशिया में तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ह्लतेहरान गल्फ में बारूदी सुरंगें बिछा सकता हैह्व जैसी चेतावनी ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त बयानबाजी और इस्राइल के साथ बढ़ते सैन्य दबाव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर उसके तट या द्वीपों पर हमला हुआ, तो वह बड़ा कदम उठाएगा। इसी बीच रूस ने भी परमाणु ठिकानों के पास हमले को बेहद खतरनाक बताया है।
ईरान की नेशनल डिफेंस काउंसिल ने बयान जारी कर कहा है कि अगर उसके तट या द्वीपों को निशाना बनाया गया, तो फारस की खाड़ी में सभी संचार मार्गों को बारूदी सुरंगों से भर दिया जाएगा। इसका मतलब साफ है कि दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना बेहद मुश्किल हो सकता है। ईरान ने यह भी कहा कि जो देश इस युद्ध में शामिल नहीं हैं, उन्हें खाड़ी से गुजरने के लिए उसके साथ समन्वय करना होगा।
ईरान की इस चेतावनी का सीधा असर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता है। अगर यहां बारूदी सुरंगें बिछाई जाती हैं, तो तेल सप्लाई रुक सकती है और वैश्विक बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खार्ग द्वीप को कब्जे में लेने पर विचार कर रहे हैं। यह द्वीप ईरान के उत्तरी खाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहां से देश के करीब 90 प्रतिशत तेल निर्यात होता है। अगर इस द्वीप पर हमला होता है, तो ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगेगा। यही वजह है कि ईरान इसे अपनी रेड लाइन मान रहा है।
रूस ने ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र के पास हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि परमाणु ठिकानों के आसपास हमला ह्लबेहद खतरनाकह्व है और इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। रूस ने अमेरिका को इस मुद्दे पर अपनी चिंता से अवगत कराया है और संयम बरतने की अपील की है।
रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम ने बताया कि 17 मार्च को बुशेहर परमाणु संयंत्र के पास एक हमला हुआ था। यह हमला संयंत्र के मेट्रोलॉजिकल सर्विस बिल्डिंग के पास किया गया, जो सक्रिय पावर यूनिट के बेहद करीब है। इस घटना ने परमाणु सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
रूस ने साफ कहा है कि इस संकट का हल सिर्फ बातचीत और कूटनीति से ही निकल सकता है। पेसकोव ने कहा कि हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और अगर समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो यह बड़ा संकट बन सकता है। फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनते दिख रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं।

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