स्वास्थ्य

बिना लक्षणों के भी हो सकती है डायबिटीज, शरीर नहीं देता कोई संकेत

बिना लक्षणों के डायबिटीज
डायबिटीज एक खतरनाक बीमारी है जिसे साइलेंट किलर माना जाता है। डायबिटीज के लक्षणों की शुरूआत हल्के संकेतों से होती है जिन्हें कई बार लोग नॉर्मल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोगों में कई सालों तक हाई ब्लड शुगर की समस्या बनी रहती है और उन्हें इसके लक्षण भी महसूस नहीं होते। इससे जटिलताओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। अगर आपको बार-बार थकान, प्यास लगना और धुंधला दिखने की समस्या हो रही है तो एक बार अपना ब्लड शुगर जरूर चेक करवा लें।
डायबिटीज एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बन गई है और टाइप 2 डायबिटीज इसमें सबसे आम है, जो 90% से अधिक मामलों के लिए जिम्मेदार है। इसकी शुरूआत अक्सर प्रीडायबिटीज से होती है, एक ऐसी कंडीशन जिसमें ब्लड शुगर का स्तर थोड़ा बढ़ जाता है, लेकिन इसके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते। कई लोग इस बात से अनजान रहते हैं।
बिना लक्षणों के डायबिटीज
प्रीडायबिटीज के दौरान इंसुलिन प्रतिरोध जैसे चयापचय संबंधी बदलाव शरीर की ग्लूकोज और फैट चयापचय को नियंत्रित करने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। ये स्थिति आसानी से 5-6 साल तक चल सकती है, जिसके बाद ब्लड शुगर इतना बढ़ जाता है कि नियमित जांच में दिखाई दे। अगर लक्षणों की बात करें तो कई बार सामान्य से लगने वाले लक्षण जैसे थकान महसूस होना, थोड़ी प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, या बार-बार होने वाले छोटे-मोटे त्वचा संक्रमण जैसे कि फंगल इन्फेक्शन हो सकते हैं। लोग अक्सर इन लक्षणों को मेटाबॉलिज्म से जुड़ी परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते रहैं।
डायबिटीज का पता लगने में देरी क्यों होती है?
भारत में लोगों की मानसिकता है कि वो किसी भी तरह के टेस्ट से बचते हैं। ज्यादातर लोग बीमारी के लक्षण नजर आने पर ही टेस्ट करवाते हैं। लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी है। जो लक्षणों को पहचानने में देरी का कारण बनता है। जिससे मधुमेह चुपचाप बढ़ता रहता है।
डायबिटीज के लक्षण
अचानक वजन कम होना
अत्यधिक प्यास लगना
बार-बार पेशाब आना
रात में बार-बार पेशाब आना
धुंधला दिखाई देने लगना
डायबिटीज से कैसे बचें?
डॉक्टर ने बताया कि नए ट्रीट गए मधुमेह के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है और चिंताजनक बात यह है कि यह कम उम्र के लोगों में भी देखा जा रहा है। इसके लिए आपको समय-समय पर अपने ब्लड शुगर की जांच करवाना जरूरी है। खाने में मीठा कम खाएं। वजन बढ़ने से रोकें और खुद को फिजिकली एक्टिव रखें।

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