सुधा मूर्ति की निवेशकों को कड़ी चेतावनी; ‘डीपफेक’ वीडियो से रहें सावधान

नई दिल्ली । राज्यसभा सांसद, लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता सुधा मूर्ति ने सोशल मीडिया पर चल रहे उनके फर्जी वीडियो को लेकर आम जनता और निवेशकों को आगाह किया है। उन्होंने साफ किया है कि इंटरनेट पर उनकी आवाज और चेहरे का इस्तेमाल करके वित्तीय योजनाओं का प्रचार करने वाले वीडियो पूरी तरह से नकली हैं और यह ‘डीपफेक’ तकनीक का नतीजा है। मूर्ति ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से अपील की है कि वे ऐसे विज्ञापनों के झांसे में न आएं और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें।
सुधा मूर्ति ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके 2-3 वीडियो एक साथ वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में डीपफेक तकनीक के जरिए यह दिखाया जा रहा है कि वह लोगों को निवेश की सलाह दे रही हैं। मूर्ति ने बताया, “इन वीडियो में मुझे यह कहते हुए दिखाया गया है कि आप 200 डॉलर या 20,000 रुपये का निवेश करें और आपको इससे कई गुना या शायद दस गुना अधिक रिटर्न मिलेगा। यह पूरी तरह से फर्जी खबर है”।
सुधा मूर्ति, जो मूर्ति ट्रस्ट की चेयरपर्सन भी हैं, ने अपनी छवि के दुरुपयोग पर दुख जताया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “एक नियम के तौर पर, मैं कभी भी निवेश या पैसों से जुड़ी किसी गतिविधि पर बात नहीं करती हूं। मैं हमेशा काम, भारत की संस्कृति, महिलाओं और शिक्षा के बारे में बात करती हूं। मैं कभी भी पैसे निवेश करने और उससे रिटर्न पाने की बात नहीं करती”।
अपनी चेतावनी में सुधा मूर्ति ने खुलासा किया कि उनके कई जानने वाले लोग इन फर्जी वीडियो के जाल में फंसकर अपना पैसा गंवा चुके हैं। उन्होंने हाथ जोड़कर दर्शकों से विनती की कि उनके नाम पर होने वाले किसी भी वित्तीय लेनदेन पर विश्वास न करें।
उन्होंने कहा, “लालच के कारण अपनी मेहनत की कमाई मत खोइए, यह एक जाल है जिसमें वे आपको फंसाते हैं। कृपया ऐसा न करें”।
सुधा मूर्ति ने लोगों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर आने वाले वित्तीय लेनदेन के संदेशों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।



