टिम कुक के बाद कौन संभालेगा एपल की कमान? रेस में सबसे आगे जॉन टर्नस,

नई दिल्ली । दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक कंपनी एपल में भविष्य के नेतृत्व को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। मौजूदा सीईओ टिम कुक (65) के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में कंपनी के भीतर एक नाम सबसे मजबूती से उभरा है- जॉन टर्नस। एपल के हार्डवेयर इंजीनियरिंग के हेड, टर्नस को टिम कुक की जगह लेने के लिए ‘फ्रंट-रनर’ (सबसे आगे) माना जा रहा है।
50 वर्षीय जॉन टर्नस ने 2001 में एप्पल जॉइन किया था और वे पिछले तीन दशकों में हार्डवेयर पर काम करने वाले पहले ऐसे सीईओ हो सकते हैं।
शिक्षा और शुरूआत: पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट टर्नस ने अपने करियर की शुरूआत वर्चुअल रियलिटी स्टार्टअप से की थी। एप्पल में उन्होंने मैक की स्क्रीन पर काम करने से शुरूआत की और धीरे-धीरे पूरे हार्डवेयर विभाग के प्रमुख बन गए,।
बड़ी उपलब्धियां: हाल के वर्षों में, टर्नस ने एप्पल के कई बड़े बदलावों का नेतृत्व किया है, जिसमें 2020 में इंटेल चिप्स को हटाकर एप्पल की अपनी चिप्स का उपयोग करना और ‘आईफोन एयर’ का विकास शामिल है।
एप्पल के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, टर्नस की कार्यशैली स्टीव जॉब्स के जोखिम भरे ‘विजनरी’ अंदाज के बजाय टिम कुक के ‘स्थिर और प्रबंधकीय’ दृष्टिकोण से मिलती है।
मुनाफे पर फोकस: टर्नस को कंपनी की बॉटम लाइन (मुनाफे) का ध्यान रखने के लिए जाना जाता है। उदाहरण के लिए, जब आईफोन में एक महंगा लेजर कैमरा कंपोनेंट जोड़ने की बात आई, तो टर्नस ने इसे केवल महंगे ‘प्रो’ मॉडल्स तक सीमित रखने का सुझाव दिया। उनका तर्क था कि केवल वफादार ग्राहक ही इसके लिए अधिक भुगतान करेंगे, जिससे कंपनी का मुनाफा सुरक्षित रहा।
जमीन से जुड़े नेता: टर्नस को ‘मैन आॅफ द पीपल’ कहा जाता है। प्रमोशन मिलने के बाद भी उन्होंने अलग केबिन लेने से इनकार कर दिया और अपनी टीम के साथ ओपन आॅफिस में बैठना पसंद किया, जिससे कर्मचारियों के बीच उनकी छवि एक सहयोगी नेता की बनी।
एपल के नए सीईओ के सामने कौन सी चुनौतियां?
हालांकि टर्नस सबसे प्रबल दावेदार हैं, लेकिन उनके सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। आलोचकों और पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि टर्नस ने अभी तक कोई “कठिन निर्णय” नहीं लिया है और वे उत्पादों को नया बनाने के बजाय उन्हें बनाए रखने के लिए अधिक जाने जाते हैं,।




