भ्रष्टाचार मामले में पीएम नेतन्याहू की गवाही फिर टली, सुरक्षा कारणों से कोर्ट की कार्यवाही स्थगित

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे में उनकी गवाही दोबारा टाल दी गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को दो महीने के अंतराल के बाद उनकी गवाही फिर शुरू होनी थी, लेकिन अंतिम समय में इसे स्थगित कर दिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू के वकील अमित हदद ने अदालत के सामने विशेष सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कार्यवाही टालने की मांग की थी। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई रोक दी। हालांकि सुरक्षा जोखिम क्या हैं और अगली तारीख कब होगी, इस पर तत्काल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
इससे पहले यरूशलेम जिला अदालत ने नेतन्याहू की इस सप्ताह तय पेशियों को भी रद्द कर दिया था। अदालत ने बचाव पक्ष की उस दलील को स्वीकार किया था, जिसमें सुरक्षा और कूटनीतिक कारण बताए गए थे। कोर्ट ने नेतन्याहू की अनुपस्थिति में दूसरे गवाह की गवाही दर्ज करने की अनुमति दे दी। मंगलवार को प्रस्तावित सुनवाई भी रद्द कर दी गई है।
राज्य अटॉर्नी कार्यालय ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री को अदालत की कार्यवाही के अनुसार अपना कार्यक्रम तय करना चाहिए, ताकि जिरह जल्द पूरी हो सके और यह जनहित में भी है।
यह मामला चर्चित केस 4000 या बेजेक-वाला मामले से जुड़ा है, जिसे नेतन्याहू के खिलाफ सबसे गंभीर मामलों में माना जाता है। आरोप है कि उन्होंने कारोबारी शाऊल एलोविच की बेजेक कंपनी को फायदा पहुंचाने वाले नियामकीय फैसले करवाए, बदले में वाला न्यूज वेबसाइट पर अनुकूल कवरेज हासिल किया। नेतन्याहू ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने अपने पूर्व सहयोगी श्लोमो फिलबर के साथ कथित निर्देश बैठक के आरोपों को भी खारिज किया है।
यह मुकदमा फिलहाल जिरह के चरण में है, जो जून 2025 में शुरू हुआ था। नेतन्याहू पहली बार दिसंबर 2024 में गवाही के लिए अदालत में पेश हुए थे। अब सुरक्षा कारणों से एक बार फिर सुनवाई टलने से मामले में देरी बढ़ने की संभावना है।



