क्या कर्नाटक में हिंदू होना अपराध है?: छात्रों से जनेऊ उतरवाने के आरोपों पर भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया

कर्नाटक। भाजपा ने शनिवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर हिंदू विरोधी मानसिकता और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। यह राजनीतिक विवाद उस समय खड़ा हो गया जब कॉमन एंट्रेंस टेस्ट देने पहुंचे कुछ छात्रों से कथित तौर पर जनेऊ उतारने को कहा गया। घटना के सामने आते ही राज्य की राजनीति गरमा गई और बीजेपी ने कांग्रेस सरकार को घेरना शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को शहर के कॉलेज में परीक्षा केंद्र पर उएळ परीक्षा आयोजित की गई थी। आरोप है कि यहां परीक्षा देने पहुंचे पांच ब्राह्मण छात्रों से जनेऊ (यज्ञोपवीत) हटाने को कहा गया। छात्रों ने दावा किया कि मडिवाला क्षेत्र स्थित केंद्र पर तैनात जांच कर्मियों ने उन्हें स्पष्ट रूप से कहा कि यदि परीक्षा हॉल में प्रवेश करना है तो पहले जनेऊ उतारना होगा।
जनेऊ हिंदू धर्म, विशेष रूप से ब्राह्मण समुदाय में, एक पवित्र धागा माना जाता है, जिसे शरीर पर धारण किया जाता है। ऐसे में छात्रों ने इस निर्देश पर आपत्ति जताई और मामले ने जल्द ही तूल पकड़ लिया।
मामला सामने आने के बाद शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो जारी कर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि क्या कर्नाटक में हिंदू होना अपराध है? छात्रों को परीक्षा केंद्र में जाने से रोका गया और उन्हें क्रूर विकल्प दिया गया, अपना धर्म चुनो या अपना भविष्य। उन्होंने दावा किया कि ऐसी घटना पिछले वर्ष भी सामने आई थी।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में मुस्लिम आरक्षण, मुस्लिम बजट और मुस्लिम समुदाय के लिए अलग योजनाओं की बात होती है, लेकिन हिंदू छात्रों को अपने धार्मिक प्रतीक हटाने के लिए मजबूर किया जाता है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित राज्यों में हिजाब और बुर्का को लेकर अलग रवैया अपनाया जाता है, जबकि जनेऊ, तिलक और मंगलसूत्र जैसे हिंदू प्रतीकों पर आपत्ति जताई जाती है।
कांग्रेस को अपना नाम बदल लेना चाहिए
पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को अपना नाम से बदलकर, मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस या इस्लामिक नेशनल खिलाफत पार्टी रख लेना चाहिए।
विवाद बढ़ने के बाद कॉलेज प्रशासन ने संबंधित निरीक्षक को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है। वहीं कर्नाट सरकार ने भी पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर परीक्षा जांच ड्यूटी पर तैनात तीन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और छात्रों के आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी कर्नाटक में इसी तरह का मामला सामने आया था। तब विवाद के बाद सरकार ने निर्देश जारी किया था कि उएळ परीक्षा के दौरान छात्रों से जनेऊ हटाने के लिए नहीं कहा जाएगा।



