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ईरान पर हमले के बाद रूस का तीखा बयान, कहा-अमेरिका ने अपना असली रंग दिखा दिया

मॉस्को । इस्राइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर सुबह आठ बजे से रॉकेट दागे। इस्राइल ने ईरान के छह शहरों को निशाना बनाते हुए सुप्रीम नेता खामेनेई, राष्ट्रपति और ईरानी मंत्रियों के दफ्तरों को निशाना बनाया। इसके बाद अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान जारी करते हुए साफ कहा कि यह हमले अमेरिका ने इस्राइल के साथ मिलकर किए हैं। इसी के साथ कहा कि ईरान कभी परमाणु शक्ति वाला देश नहीं बन सकता है। अब ईरान पर हुए हमले को लेकर रूस की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
रूसी अधिकारी का कहना है कि ईरान पर हमला करके अमेरिका ने अपना ह्यअसली रंगह्ण दिखाया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी सहयोगी दिमित्री मेदवेदेव, जो रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के वर्तमान डिप्टी चेयरमैन हैं, उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह सैन्य अभियान से पहले ईरान के साथ न्यूक्लियर बातचीत को सिर्फ दिखावे के लिए इस्तेमाल कर रहा था।
मेदवेदेव ने टेलीग्राम पर कहा कि शांति कायम करने वाले ने एक बार फिर अपना असली रंग दिखा दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ सभी बातचीत एक कवर आॅपरेशन है। इस पर किसी को शक नहीं था। कोई भी सच में किसी भी बात पर सहमत नहीं होना चाहता था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमले की पुष्टि की है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल विकास को लेकर ट्रंप की इस कड़ी चेतावनी दी। संयुक्त सैन्य हमले के बाद ट्रंप ने ईरान से साफ शब्दों में कहा है कि वह ‘अपने हथियार डाल दे या फिर निश्चित मौत का सामना करे’। यह बड़ी सैन्य कार्रवाई मुख्य रूप से ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने और मिसाइल विकसित करने से रोकने के लिए की गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान कभी परमाणु शक्ति नहीं बन सकता है। हम ईरान की नौसेना को खत्म करने जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के अंदर आॅपरेशन शुरू किए हैं। उन्होंने बताया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था। ऐसे में ईरान से अमेरिका और दूसरों को खतरा है। हम ईरान की मिसाइलों को तबाह कर देंगे।
इस्राइल ने शनिवार को सुबह-सुबह ही ईरान पर हमला कर दिया। तेहरान सहित छह शहरों को निशाना बनाया गया है, जिसमें सैन्य ठिकानों, मंत्रियों के कार्यालयों पर रॉकेट दागे। इसी के साथ इस्राइल ने हवाई सीमा को पूरी तरह से बंद कर दिया। साथ ही अपने नागरिकों को बंकरों में शिफ्ट कर दिया। वहीं ईरान ने भी पलटवार करते हुए जबावी हमला किया, जिसमें इस्राइल के अलावा कई देशों पर अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बम बरसाए।

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