ओडिशा में बीजद फंसाएगी पेच, राज्यसभा की दो सीटों पर उम्मीदवारों का एलान

भुवनेश्वर (दीक्षित टाइम्स)। आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर ओडिशा में सियासी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बीच बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक ने शनिवार को वरिष्ठ पार्टी नेता डॉ. संतृप्त मिश्रा और डॉक्टर दत्तेश्वर होता को आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया। नवीन पटनायक ने पार्टी विधायकों से चर्चा करने के बाद यह एलान किया।
बीजद प्रमुख पटनायक ने कहा, ‘अगले महीने होने वाले राज्यसभा चुनावों के लिए हमारी पार्टी ने दो उम्मीदवारों को नामित करने का फैसला किया है। पहले उम्मीदवार डॉ. संतृप्त मिश्रा हैं, जो हमारी पार्टी के वरिष्ठ सदस्य हैं। दूसरे उम्मीदवार ओडिशा के जाने-माने डॉक्टर दत्तेश्वर होता हैं।’ एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें दोनों उम्मीदवारों की जीत की उम्मीद है।
नवीन पटनायक ने कहा कि डॉ. होता ओडिशा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के पहले कुलपति हैं और उन्होंने कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य के तौर पर भी काम किया है। पटनायक ने कहा, ‘वह (डॉ. होता) एक आम उम्मीदवार हैं, इसलिए मैं सभी पार्टियों से अपील करता हूं कि वे उनका समर्थन करें और उन्हें राज्यसभा भेजें।’
वहीं, ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों को लेकर होने वाले चुनाव में कांग्रेस ने ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ यानी खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए हैं। ओडिशा के सियासी गणित पर नजर डालें तो चार सीटों के लिए होने जा रहे चुनाव में तीन सीटों में से दो पर भाजपा और एक पर बीजेडी की जीत तय मानी जा रही है।
ओडिशा कांग्रेस के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने चौथी सीट को लेकर ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि इस सीट के लिए सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी बीजेडी में से किसी के भी पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है।
ओडिशा में कुल विधानसभा सदस्यों की संख्या 147 है। इनमें से भाजपा के 79 विधायक हैं और उसे तीन निर्दलीयों का समर्थन प्राप्त है। इस हिसाब से भाजपा के पास 82 विधायकों का समर्थन है। यह आंकड़ा तीन राज्यसभा सांसद चुनने के लिए जरूरी संख्या से 8 कम है।
वहीं, बीजद की बात करें तो उसके कुल 48 विधायक हैं। एक सांसद चुनने के बाद पार्टी के 18 प्रथम वरीयता मत बचेंगे। वहीं, दूसरी सीट पर जीत हासिल करने के लिए बीजद को 12 और मतों की जरूरत होगी। ओडिशा में कांग्रेस के 14 विधायक हैं और माकपा (सीपीआई-एम) का एक विधायक है। एक तरह से कांग्रेस अपने ही विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर आरोप लगा रही है।




