जगमोहन में केवल सेवायत गोस्वामी की होगी एंट्री:बांके बिहारी हाई पावर मैनेजमेंट कमिटी की बैठक में फैसला
मथुरा । वृंदावन में भगवान बांके बिहारी मंदिर में सेवायत गोस्वामियों और कमेटी के बीच उपजे विवाद के बाद हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी द्वारा आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में जगमोहन में भगवान को विराजमान कर दर्शन कराने का गोस्वामियों से अनुरोध करने का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही जगमोहन में सेवायत के अलावा किसी अन्य गोस्वामी के जाने पर भी रोक लगा दी गयी है। वहीं मीडिया मंदिर परिसर में किसी का इंटरव्यू भी नहीं करेगी।
गुरुवार की देर शाम को बांके बिहारी मंदिर हाई पावर मैनजमेंट कमेटी द्वारा आपातकालीन बैठक बुलाई गई। जिसमें कमेटी द्वारा एक बार फिर बांके बिहारी मंदिर सेवायत गोस्वामियों से यह अपेक्षा की गई है कि वह ठाकुर जी को जगमोहन में बैठा कर दर्शन कराये। ताकि मंदिर के हर कोने से भक्तों को सुगमता और सरलता से ठाकुर जी के दर्शन हो सके।
17 फरवरी को हुई बैठक में ठाकुर जी को जग मोहन में बैठाकर कर दर्शन कराने का निर्णय लिया गया था । जिसके बाद राजभोग सेवायत गोस्वामी द्वारा बांके बिहारी जी को गर्भ गृह से बाहर निकाल कर जग मोहन में दर्शन कराए गए। लेकिन शाम को शयन भोग सेवायत गोस्वामी द्वारा गर्भगृह से ही दर्शन करवाएं गए।
आपातकालीन बैठक में सेवायतो से यह अपेक्षा की गयी और अनुरोध किया गया है कि वह ठाकुर जी को जगमोहन में लाकर दर्शन कराए ताकि ठाकुर जी के दर्शन सरलता से हो सके।
हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य एवं रिटायर्ड जिला न्यायाधीश मुकेश मिश्रा का कहना है कि गुरुवार की मीटिंग में पूर्व में जो बैठक हुई थी उसी के संबंध में एक बिंदु पर आकस्मिक बैठक बुलाई गयी थी।
बुधवार को कुछ शयनभोग के गोस्वामीयो के द्वारा पूर्व बैठक में जो अनुरोध किया गया है कि बिहारी जी को जगमोहन में स्थापित किया जाए उसके संबंध में स्पष्ट आदेश पारित किया जाए उसी के लिए आकस्मिक बैठक बुलाई गई थी।
आज की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि उन्हें आदेशित करने का कोई औचित्य नहीं है, बल्कि हम उनसे पुन: अपेक्षा करेंगे और अनुरोध करें कि वह बिहारी जी को जगमोहन में स्थापित करें । जिससे आम जनता को सरलता से बिहारी जी के दर्शन मिल सके और मंदिर के हर कोने से भक्तों को बिहारी जी का दर्शन हो सके।
कमेटी और गोस्वामियों के बीच सामंजस्य न बनने के सवाल पर कमेटी के सदस्य एवं रिटायर्ड जिला न्यायाधीश मुकेश मिश्रा ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है,यह गलत कहा जा रहा है। गोस्वामियों के साथ अच्छा सामंजस्य है,उन्होंने कहा हमने निर्णय लिया हम आदेश नहीं करेंगे बल्कि उनसे अनुरोध करेंगे,अपेक्षा करेंगे कि आप बिहारी जी को जगमोहन में स्थापित करें। गर्भ गृह के गेट पर चैन लगाने के सवाल पर कहा यह गलत है।



