स्मार्ट मीटर पर फूटा सपाइयों का गुस्सा, विरोध-प्रदर्शन:आगरा में पुलिस ने रोका तो गेट पर चढ़े

आगरा । आगरा में स्मार्ट मीटर का विरोध लगातार जारी है। समाजवादी पार्टी ने सोमवार को इसके विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। धौलपुर हाउस से कलेक्ट्रेट के लिए पैदल मार्च निकाल रहे सपाइयों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। धौलपुर हाउस का गेट बंद किया। इस पर पुलिस और सपा कार्यकतार्ओं में नोकझोंक हुई। कई कार्यकर्ता गेट पर चढ़ने लगे। इस दौरान वह घायल होने से बचे।
समाजवादी पार्टी ने स्मार्ट मीटर प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बिल क्यों नहीं दिया जाता। पहले 1500 रुपये का बिल भरने वाले उपभोक्ता अब 3 से 4 हजार रुपये अदा करने पर मजबूर हैं। टोरंट की लूट का कोई हिसाब-किताब ही नहीं है।
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा-शांतिपूर्ण तरीके से पार्टी के कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर ज्ञापन देने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर रोक दिया। उन्हें कलक्ट्रेट तक नहीं जाने दिया। ये जनतंत्र की सेहत के लिए ठीक नहीं है। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है। हमारी मांग है कि बिजली मीटर के संबंध में लोग पुरानी व्यवस्था के पक्ष में हैं, वही जारी रहनी चाहिए।
सपा के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने कहा-स्मार्ट मीटर आम लोगों के शोषण का जरिया बन चुके हैं। आधुनिक व्यवस्था कहकर गरीब और मध्यम वर्ग से लूट की जा रही है। प्रदेश भर से रिचार्ज के बाद भी समय से बिजली न आना, बिना सूचना कनेक्शन काटना, अपारदर्शी बिलिंग सिस्टम की शिकायतें आ रही हैं। कम यूनिट पर भी फिक्स चार्ज लिया जा रहा है। काटने के बाद जोड़ने के लिए भी अलग से चार्ज लिए जाते हैं।
विरोध प्रदर्शन के लिए सपा कार्यकर्ता सुबह 10 बजे से ही धौलपुर हाउस पर इकट्?ठा होने लगे थे। स्मार्ट मीटर के विरोध में तख्ती लेकर पहुंचे कार्यकतार्ओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे तक प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट की ओर जैसे ही जाने लगे तो पुलिस ने धौलपुर हाउस के गेट बंद कर दिए।
बैरीकेडिंग कर रस्सी बांध दी गई तो कार्यकर्ता गेट पर चढ़ गए। कुछ कार्यकर्ता गिरने से बचे। लगभग 1 घंटे तक वे गेट पर ही जमे रहे। इस बीच पुलिस और सपाइयों के बीच खींचतान होती रही। कुछ कार्यकर्ता पीछे से दौड़कर सड़क पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें समझाकर वहां से उठाया। बाद में मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने यहीं पर ज्ञापन लिया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ।
सपा नेताओं ने कहा मजदूर, किसान, छोटे दुकानदार प्रीपेड बैलेंस बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं। कई मामलों में पहले उपभोक्ता से गलत बिल लेकर बाद में वापस करने के भी प्रमाण हैं। सपा इस मुद्दे पर 15 दिन पहले चेतावनी दे चुकी है। कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। इसीलिए यह विरोध-प्रदर्शन किया गया है। आगरा से यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलेगा।



