मार्शल लॉ लगाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को उम्रकैद, देश से बगावत के पाए गए दोषी
सियोल। जज जी कुई-योन ने कहा कि यून विद्रोह के दोषी पाए गए हैं। उन्होंने सैन्य और पुलिस बलों को इकट्ठा कर नेशनल असेंबली पर अवैध रूप से कब्जा करने, राजनेताओं को गिरफ्तार करने और निरंकुश सत्ता स्थापित करने की कोशिश की। यून इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील कर सकते हैं।
विशेष अभियोजक ने पूर्व राष्ट्रपति यून के लिए मौत की सजा की मांग की थी। उनका कहना था कि यह कदम देश के लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा था और इसके लिए सबसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए। हालांकि अधिकांश विश्लेषकों का मानना था कि यह सत्ता हथियाने की कोशिश थी और इससे कोई जनहानि नहीं हुई, इसलिए उम्रकैद की सजा काफी है। दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी भी दोषी को फांसी नहीं दी गई है।
पूर्व राष्ट्रपति को अदालत लाने के दौरान उनके समर्थकों ने न्यायिक परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों पुलिसकर्मी हालात को संभालने के लिए तैनात रहे। अदालत ने मार्शल लॉ लागू करने में शामिल कई पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारियों को भी दोषी ठहराया। इनमें पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून को 30 साल की सजा सुनाई गई। उन पर मार्शल लॉ लागू करने की योजना बनाने और सेना को सक्रिय करने में केंद्रीय भूमिका निभाने का आरोप था।



