व्यापार

यूरोपीय संघ-भारत के बीच व्यापार समझौता अमेरिका के लिए रणनीतिक संकेत

कोलकाता । नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को एक रणनीतिक तालमेल करार दिया। उन्होंने कहा कि यह व्यापार समझौता अमेरिका को साफ संदेश देता है कि भारत और यूरोप, वाशिंगटन पर उतना निर्भर नहीं हैं, जितना वह सोचता है। अभिजीत ने कहा, ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाए गए ऊंचे टैरिफ के बीच यह व्यापार समझौता वॉशिंगटन के लिए एक रणनीतिक संकेत है। अर्थशास्त्री बनर्जी ने चेतावनी देते हुए कहा कि मदर आॅफ आॅल डील्स कहे जा रहे इस व्यापार समझौते से अपने-आप व्यापक आर्थिक लाभ नहीं मिलेंगे, इसके लिए भारत को अपनी कार्यकुशलता और आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा सुधार करना होगा।
इस उन्नयन से यूरोपीय संघ को अमेरिका, चीन व रूस के समान राजनयिक स्तर प्राप्त हो गया है।
यह कदम अमेरिकी शुल्क दबाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल के बीच दोनों देशों की तरफ से व्यापार की नई रणनीति बनाने के लिए उठाया गया है। इसकी घोषणा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने हनोई यात्रा के दौरान की।
कोस्टा ने कहा, ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था कई पक्षों से खतरे में है हमें विश्वसनीय और भरोसेमंद साझेदारों के रूप में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने की जरूरत है। यह साझेदारी साझा समृद्धि के क्षेत्रों को विकसित करने के बारे में है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच 18 वर्षों की बातचीत के बाद मंगलवार को कोस्टा वियतनाम की राजधानी हनोई पहुंचे।

Related Articles

Back to top button