राष्ट्रीय

एटा में दवा कारोबारी के मां-बाप और पत्नी-बेटी का कत्ल

सिर-चेहरे बुरी तरह कुचले... चारों ओर जम चुका था खून

एटा । एटा जिले में चार लोगों की हत्या में हत्यारे की निर्ममता और घटना की भयावहता की गवाही दोनों कमरों के दृश्य दे रहे थे। मकान के मेन गेट को खोलने के बाद दलान और आंगन को पार कर एक कमरे में गंगा सिंह शाक्य का खून से लथपथ शव चारपाई पर पड़ा था।
रजाई उनके कमर से ऊपर तक पड़ी थी। इसे देखकर लग रहा था कि वह रजाई ओढ़कर लेटे हुए थे या सो रहे थे। उनके सिर में ईंट मारकर हत्या की गई थी और खून चारपाई से नीचे तक बह रहा था।
सीढ़ियों से ऊपर चढ़कर पहली मंजिल पर बने कमरे का नजारा और ज्यादा भयावह था। श्यामा देवी को घायल हालत में मेडिकल कॉलेज की इमजरेंसी पहुंचा दिया गया था। रत्ना देवी का शव बेड पर और और ज्योति का शव नीचे जमीन पर पड़ा हुआ था।
इनके भी सिर और चेहरे बुरी तरह कुचले गए थे। स्थिति यह थी कि इन दोनों के चेहरे पहचानना तक मुश्किल था। पूरे कमरे में खून बह रहा था। एक ओर दीवार से सटी हुई इंटरलॉकिंग की सीमेंटेड ईंट खून से सनी हुई पड़ी थी और इसके चारों ओर खून जम चुका था।
लक्ष्मी ने बताया कि पिता कमल सिंह करीब 12.30 बजे मेडिकल स्टोर से खाना खाने के लिए घर गए थे। इसके बाद किसी कार्य से मंडी की ओर चले गए। मेडिकल स्टोर पर उस समय वह बैठी हुई थी। फोन पर सूचना मिलने के बाद पिता यहां पहुंचे।
एटा के गांव नगला प्रेमी में रविवार दोपहर एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई।मृतकों में वृद्ध दंपती गंगा सिंह शाक्य (70) व श्यामा देवी (65), पुत्रवधू रत्ना देवी (48) और पौत्री ज्योति (22) शामिल हैं। हत्या के समय यही चारों लोग घर में मौजूद थे। हत्यारे ने घर में घुसने के बाद ईंट से सभी के सिर-चेहरे पर वार कर वारदात को अंजाम दिया। हत्या किसने और क्यों की, इसका खुलासा अब तक नहीं हुआ है। पुलिस जांच में जुटी है।
कोतवाली नगर क्षेत्र में शिकोहाबाद रोड स्थित गांव नगला प्रेमी में हुए इस हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब गंगा सिंह शाक्य का 12 वर्षीय नाती देवांश स्कूल से घर लौटा। उसी ने सबसे पहले मृत परिजन को देखा। घर में भूमि तल पर गंगा सिंह और पहली मंजिल पर श्यामा देवी, मां रत्ना देवी और ज्योति को खून से लथपथ देख उसकी चीख निकल गई।
वह भागकर घर के बाहर आया और लोगों को जानकारी दी। गांव में चार लोगों की हत्या की खबर से सनसनी फैल गई। मामले की सूचना गंगा सिंह की पौत्री नातिन लक्ष्मी को दी गई जो सुनहरी नगर गेट के सामने पिता कमल सिंह के मेडिकल स्टोर पर बैठी थी।
सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय भी मौके पर पहुंचे। मौके पर गंगा सिंह, रत्ना देवी और ज्योति मृत हालत में मिले जबकि श्यामा देवी को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती करवाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। घटना के बाद एडीजी आगरा अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआईजी अलीगढ़ प्रभाकर चौधरी, एसएसपी श्याम नारायण सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
वारदात के दौरान घर के किसी भी सामान से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई। अपराधी का मकसद किसी तरह की चोरी या लूट करना नहीं था, हत्या करने के इरादे से ही वह आया था। वारदात के समय आसपास रहने वाले लोगों को भी भनक नहीं लगी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि घटना में किसी करीबी का हाथ हो सकता है। पुलिस जांच में भी जो तथ्य सामने आए हैं उसमें भी इस तरह के सबूत पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार वह खुलासे के काफी करीब तक पहुंच गई है।
गांव नगला प्रेमी में चार लोगों की हत्या के बाद से सनसनी फैल गई। पुलिस पहुंची तो गली में लोगों का हुजूम एकत्र हो गया। भीड़ को हटाते हुए जांच-पड़ताल के बाद शाम के समय शवों को निजी एंबुलेंस के माध्यम से पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया। घटना की जानकारी के बाद पुलिस, फॉरेंसिक टीम और एएसपी श्वेताभ पांडेय मौके पर पहुंचे। काफी देर तक चली फॉरेंसिक जांच के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
इस दौरान रास्ते में भीड़भाड़ अधिक होने की वजह से छोटी निजी एंबुलेंस बुलाई गईं। इसके बाद दो एंबुलेंस मौके पर पहुंची और शव उनमें रखकर पुलिस टीम के साथ पोस्टमार्टम हाउस भेजे गए। एक एंबुलेंस में गंगा सिंह शाक्य और दूसरी में मां-बेटी के शव को रखकर भेजा गया। इसके बाद पुलिस आगे की जांच में जुट गई है।

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