जुलाई में डब्ल्यूटीओ में होगी भारत की व्यापार नीतियों की समीक्षा, कस्टम्स के डिजिटल सुधारों पर फोकस

नई दिल्ली । विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भारत की 8वीं व्यापार नीति की समीक्षा जुलाई में होगी। इसमें देश की व्यापार नीतियों की व्यापक सहकर्मी समीक्षा की जाएगी। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस समीक्षा से पहले भारत ने अपने डिजिटल सीमा शुल्क सुधारों और व्यापार सुविधा समझौते (टीएफए) के क्रियान्वयन को वैश्विक मंच पर प्रमुखता से प्रस्तुत किया है।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड के सदस्य (कस्टम्स) सुरजीत भुजबल के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने डब्ल्यूटीओ में आयोजित विशेष ट्रेड फैसिलिटेशन सत्र में भारत के फेसलेस, कॉन्टैक्टलेस और पेपरलेस कस्टम्स इकोसिस्टम और व्यापक डिजिटलीकरण पर प्रकाश डाला। यह सत्र 24 फरवरी को आयोजित किया गया था। इसमें लगभग 40 देशों के प्रतिनिधियों और डब्ल्यूटीओ सचिवालय की सक्रिय भागीदारी रही, जो भारत के सुधारों में वैश्विक रुचि को दशार्ता है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, भारत ने डब्ल्यूटीओ के टीएफए के तहत अपनी 100 प्रतिशत प्रतिबद्धताओं को तय समयसीमा में अधिसूचित कर दिया है और अब राष्ट्रीय ट्रेड फैसिलिटेशन एक्शन प्लान के तहत टीएफए प्लस उपायों की ओर बढ़ रहा है, ताकि वैश्विक सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप व्यापार प्रक्रियाओं को और सरल बनाया जा सके।
सत्र के दौरान भारतीय कस्टम्स ने होल-आॅफ-गवर्नमेंट दृष्टिकोण, एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और सीमा-पार व्यापार प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयासों को रेखांकित किया। अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक दशक में कस्टम्स के डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण से व्यापार वृद्धि, कम लेनदेन लागत और तेज क्लीयरेंस समय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे भारत का वैश्विक वैल्यू चेन में एकीकरण भी मजबूत हुआ है।

