लेबनान में इस्राइली हमलों से 12 की मौत, बच्चों समेत 24 घायल; क्षेत्रीय तनाव और गहराया

बेरूत । मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। लेबनान के पूर्वी बेका घाटी में इस्राइल के हवाई हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 24 लोग घायल हो गए। घायलों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। उसी दिन सैदा शहर के एक फलस्तीनी शरणार्थी शिविर पर हुए अलग हमले में दो और लोगों की जान गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार शुक्रवार को बेका घाटी में कई ठिकानों पर हवाई हमले हुए। स्थानीय टीवी फुटेज में एक बहुमंजिला इमारत को निशाना बनते दिखाया गया। हमले के बाद इमारत में आग लग गई और राहत टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश करती रहीं। इस्राइली सेना ने दावा किया कि उसने हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर को निशाना बनाया। हिजबुल्लाह की ओर से तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
दिन में पहले सैदा के ऐन अल-हिलवेह फलस्तीनी शरणार्थी शिविर पर भी हमला हुआ। इस्राइल ने कहा कि उसने हमास के कमांड सेंटर को निशाना बनाया। हमास ने दो सदस्यों की मौत की पुष्टि की, लेकिन कहा कि कमांड सेंटर पर हमले का दावा कमजोर बहाना है। संगठन ने कहा कि जिस इमारत को निशाना बनाया गया वह विभिन्न फलस्तीनी गुटों की संयुक्त सुरक्षा इकाई की थी।
अक्तूबर 2023 में हमास के नेतृत्व में इस्राइल पर हुए हमले के बाद गाजा में युद्ध शुरू हुआ। इसके समर्थन में हिजबुल्लाह ने लेबनान से इस्राइल पर रॉकेट दागे। जवाब में इस्राइल ने हवाई हमले और गोलाबारी की। सितंबर 2024 में यह टकराव व्यापक युद्ध में बदल गया। दो महीने बाद अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ, लेकिन पूरी तरह शांति बहाल नहीं हो सकी। तब से इस्राइल लेबनान में नियमित हमले करता रहा है।
शुक्रवार के हमलों में मौतों की संख्या असामान्य रूप से अधिक रही। यह उस समय हुआ है जब अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत विफल होती है तो सैन्य कार्रवाई हो सकती है। ईरान हिजबुल्लाह और हमास का समर्थक माना जाता है। लेबनान में आशंका है कि यदि इस्राइल और ईरान के बीच नया संघर्ष छिड़ता है तो देश फिर से बड़े युद्ध में खिंच सकता है।




