अंतरराष्ट्रीय

‘टैरिफ ले नहीं सकता, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर सकता हूं’, कोर्ट के फैसले पर बोले ट्रंप

वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को शर्मनाक बताया। नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि वह किसी से टैरिफ नहीं ले सकते, लेकिन वह किसी भी देश के साथ व्यापार पूरी तरह बंद कर सकते हैं और उस देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर सकते हैं। गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार देते हुए उसे रद्द करने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जिन चीजों को गलत तरीके से खारिज किया है, उनकी जगह लेने के लिए दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा। हमारे पास विकल्प हैं, बहुत अच्छे विकल्प हैं। इसका मतलब यह हो सकता है कि हमें ज्यादा पैसा मिलेगा। हम ज्यादा पैसा हासिल करेंगे और इससे हम और ज्यादा मजबूत बनेंगे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ रद्द करने के फैसले के कुछ घंटे बाद ही ट्रंप ने दुनियाभर के देशों पर 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने का एलान कर दिया।
ट्रंप ने धारा 122 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए वैश्विक 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। अमेरिकी कानून के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति 150 दिनों तक 15 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं। इसका इस्तेमाल करते हुए ट्रंप ने 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाया है। 150 दिनों के बाद अमेरिकी संसद में प्रस्ताव लाकर इसे आगे जारी रखने या न रखने पर फैसला किया जाएगा।
मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘आपको यह दिखाने के लिए कि यह फैसला कितना बेकार है, कोर्ट ने कहा कि मुझे एक डॉलर भी शुल्क लगाने की अनुमति नहीं है। मैं एक डॉलर भी नहीं ले सकता। यह फैसला जरूर उन दूसरे देशों की सुरक्षा के लिए लिया गया होगा, न कि संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए, जिसकी रक्षा उन्हें करनी चाहिए। यही उनका काम है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास उन देशों के साथ किसी भी तरह का व्यापार या कारोबार पूरी तरह बंद करने का अधिकार है। दूसरे शब्दों में, वह व्यापार को खत्म कर सकते हैं। वह उस देश की अर्थव्यवस्था को खत्म कर सकते हैं।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि कौन-सा लाइसेंस कभी बिना शुल्क लिए जारी किया गया है? जब आप लाइसेंस जारी करते हैं तो आप शुल्क लेते हैं। यह अपने-आप होता है, लेकिन इस कोर्ट के साथ ऐसा नहीं है।

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