आगरा में किसान 30 जनवरी को लेंगे सामूहिक भू-समाधि:चकरोड बंद होने से नाराज

आगरा । आगरा के अछनेरा ब्लॉक के नागर गांव में चकरोड संख्या 24 पर कीठम-भांडई बाईपास तीसरी रेल लाइन से रास्ता बंद होने के विरोध में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 79वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने बुधवार को धरना स्थल पर मुंडन कराकर विरोध जताया और 30 जनवरी को सामूहिक भू-समाधि लेने की घोषणा की।
प्रभावित किसान 11 नवंबर से रेलवे पुल संख्या 31 व 31 ए के मध्य चक मार्ग पर पुल निर्माण की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। यह रेल लाइन बिछने से चकरोड बंद हो गया है, जिससे खेतों तक पहुंचने में किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि लगातार अनदेखी और प्रशासन की चुप्पी से मजबूर होकर किसानों ने यह कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 30 जनवरी को सभी प्रभावित किसान सामूहिक रूप से भू-समाधि लेंगे।
धरनारत किसानों का कहना है कि रास्ता बंद होने के कारण उन्हें खेतों तक पहुंचने के लिए चार से पांच गुना अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे न केवल उनका समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि अतिरिक्त खर्च भी बढ़ गया है, जिससे खेती-किसानी प्रभावित हो रही है।
धरने के 79वें दिन सुखपाल नरवार, बलवीर सिंह नरवार, अजयपाल सिंह, अचल सिंह भगत, राजेंद्र सिंह, सोनू नरवार, दीवान सिंह मेजर सहित कई किसान मौजूद रहे। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र पुल का निर्माण कर चक मार्ग बहाल करने की मांग की है, चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।




