नकली खाद्य निरीक्षक ने दुकानदार से 5 हजार रुपये की मांग की, गिरफ्तार।

आगरा। पुलिस ने एक युवक को एतमाडौला क्षेत्र में फर्जी खाद्य निरीक्षक बनकर दुकानदार से 5,000 रुपये की मांग करने के आरोप में गिरफ्तार किया। इस युवक का नाम देवेंद्र कुमार बताया गया है। धर्म्विर सिंह, जो रामबाग बस्ती हाथ्रस रोड के निवासी हैं, ने यमुना ब्रिज घाट पर ठाकुर जी मिशथान भंडार नामक एक मिठाई की दुकान खोली है।
घटना का विवरण इस प्रकार है: 19 अगस्त को, एक युवक दुकान पर आया और अपने आपको खाद्य निरीक्षक बताकर मिठाई की गुणवत्ता के बारे में सवाल किए। उसने कहा कि उसका नाम देवेंद्र कुमार है। इसके बाद, वह 5,000 रुपये की मांग करने लगा। धर्म्विर सिंह ने जब यकीन करना चाहा और संदेह में पड़े, तो उन्होंने खाद्य विभाग के कर्मचारी देवराज चौधरी को मोबाइल से उस युवक की तस्वीर भेजी। देवराज चौधरी ने बताया कि इस नाम का कोई खाद्य निरीक्षक विभाग में नियुक्त नहीं है। इस जानकारी के बाद, युवक ने अपनी दुकान छोड़ दी।
हालांकि, 27 अगस्त को, आरोपी फिर से दुकान पर आया और 5,000 रुपये की मांग करने लगा। उसने दुकान को सील करने की धमकी भी दी। इस बार, दुकान के मालिक ने खाद्य निरीक्षक रवींद्र कुमार और देवराज को जानकारी दी कि युवक फिर से दुकान पर आया है। जब खाद्य निरीक्षक मौके पर पहुंचे, तो आरोपी ने खुद को श्याम नगर टेरी बागिया का निवासी देवेंद्र बताने की कोशिश की। लेकिन उसकी पहचान को देखकर, दुकानदार और खाद्य निरीक्षक ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। यह घटना दिखाती है कि कैसे कुछ लोग ध्यान आकर्षित करने के लिए दूसरों की मेहनत का गलत इस्तेमाल करते हैं।
इस मामले ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। लोग यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि क्या वे अपनी दुकानें सुरक्षित रख पाएंगे, क्योंकि इस तरह के फर्जी खाद्य निरीक्षकों का चलन बढ़ रहा है। इससे कारोबारी समुदाय में भय का माहौल बना हुआ है।
आवश्यकता है कि खाद्य विभाग इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दे और खाद्य निरीक्षकों की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाए। ताकि दुकानदारों को इस प्रकार के धोखाधड़ी से सुरक्षित रखा जा सके। साथ ही, जनता को भी जागरूक किया जाना चाहिए ताकि वे इन फर्जी इंस्पेक्टरों को पहचान सकें और सही जानकारी हासिल कर सकें।
व्यापारियों को यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी फूड इंस्पेक्टर से बात करने से पहले उसकी पहचान की जांच करें। अपनी सुरक्षा के लिए, दुकान पर किसी भी ऐसे व्यक्ति को न आने दें जो स्वयं को अधिकारी बताता हो, लेकिन जो किसी दस्तावेज़ या पहचान पत्र के बिना आए।
आगरा के इस मामले ने विक्रेता समुदाय में चिंता का एक नया विषय प्रस्तुत किया है। फूड विभाग को चाहिए कि वह अपनी संचालन प्रक्रिया को खोलकर पारदर्शिता लाए, ताकि फर्जी निरीक्षकों के लिए कोई जगह न बचे।
युवाओं को आज ऐसी धारणा से बचने के लिए जागरूक रहना चाहिए। किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के खिलाफ आगे आना महत्वपूर्ण है। अगर हम सब मिलकर इस समस्या का हल नहीं निकालेंगे, तो हमें आगे और भी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इस सब से स्पष्ट होता है कि सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है। हमें इस मामले की गंभीरता को समझने की जरूरत है और जिम्मेदार नागरिक की तरह कार्य करना चाहिए। यदि हम एकजुट होते हैं, तो इस प्रकार की गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सकती है।
हम आशा करते हैं कि अगली बार जब कोई दुकानदार इस तरह की स्थिति का सामना करे, तो वह अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक होगा। इस तरह के मामलों में पुलिस और खाद्य विभाग को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
समाज में इसी प्रकार की घटनाएं हमारे लिए यह भी संकेत देती हैं कि हमें एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। हम सभी को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए और किसी भी प्रकार का धोखा खाने से बचना चाहिए।
धर्म्विर सिंह जैसे विक्रेता को चाहिए कि वह इस घटना को अपनी ताकत बनाए और आगे और मजबूत बनकर उभरे।
यदि आप आका आपके साथ इस प्रकार की कोई घटना होती है, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें या खाद्य विभाग से जानकारी प्राप्त करें। आपकी जागरूकता ही आपके खुद की और समाज की सुरक्षा का प्राथमिक आधार हो सकता है।
इन घटनाओं से सबक सीखकर आगे बढ़ें और खुद का, अपने परिवार का और समाज का ध्यान रखें। हमारी एकजुटता ही हम सभी को सुरक्षित और मजबूत बनाएगी।
आगरा के इस घटना ने हमें यह दिखाया कि विचारशीलता और सतर्कता हमारे जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। खुद को और अपने व्यवसाय को सुरक्षित रखने का यही एक तरीका है।
फरजी निरीक्षकों के खिलाफ यह लड़ाई केवल पुलिस और प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की भी है। हम सबको मिलकर इसके खिलाफ खड़ा होना है, ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो।
इस प्रकार की सजगता और चेतना से ही हम अपने समाज को सुरक्षित और खुशहाल बना सकते हैं। यही हमारे लक्ष्य का आधार है और हमें इसे प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
आखिरकार, हमारी सुरक्षा, हमारी जिम्मेदारी है।