1.50 लाख करोड़ के पार पहुंच सकता है शिक्षा बजट, 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा संभव

मोदी सरकार अपने 13वें आम बजट में शिक्षा क्षेत्र की सूरत बदलने की तैयारी में है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साधने के लिए शिक्षा बजट पहली बार 1.50 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता है। वित्त मंत्री बालवाटिका से लेकर डीप-टेक तक के लिए खजाना खोल सकती हैं। इस बार का फोकस न सिर्फ किताबी ज्ञान, बल्कि युवाओं को एआई, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे भविष्य के क्षेत्रों में कुशल बनाकर सीधे रोजगार से जोड़ना है।
महिला सशक्तिकरण को धरातल पर उतारने के लिए सरकार देश के सभी 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा कर सकती है। यह हॉस्टल उच्च शिक्षा केंद्रों के करीब बनेंगे। इसका मकसद बेटियों को घर से दूर सुरक्षित आवासीय सुविधा देना है। इससे उच्च शिक्षा में उनका ड्रॉपआउट कम होगा और शोध में भागीदारी बढ़ेगी। साथ ही, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में सीटों की संख्या बढ़ाकर वंचित वर्ग की बेटियों की 12वीं तक की पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्कूली शिक्षा के बजट में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी संभव है। अब सभी सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी यानी बालवाटिका शुरू करना अनिवार्य होगा। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों की विशेष ट्रेनिंग का खाका खींचा गया है। बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए नई अटल टिंकरिंग लैब और कंप्यूटर लैब बनाई जाएंगी। बच्चों में विज्ञान और एआई प्रशिक्षण का जिम्मा देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी मद्रास को दिए जाने की तैयारी है। आईआईटी के शिक्षक इन विद्यालायों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। पीएम-पोषण और पीएम-श्री जैसी योजनाओं के लिए भी नए प्रावधान किए जा सकते हैं।
आईआईटी और सेंटर आॅफ एक्सीलेंस को बूस्टर
आईआईटी, एनआईटी और आईआईएससी को नए जमाने के कोर्सेज का हब बनाने की तैयारी है।?आईआईटी में सीटों की संख्या बढ़ेगी। एआई, मशीन लर्निंग और डाटा साइंस जैसे कोर्सेज के लिए अलग से बजट।?शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के बेहतर इस्तेमाल के लिए सेंटर आॅफ एक्सीलेंस को समर्पित फंड मिलेगा। नवाचार और शोध को बढ़ावा देने के लिए नए मेगा स्किल सेंटर भी खुलेंगे।
सरकार ने सभी आईटीआई अपग्रेड करने का मास्टर प्लान बनाया है। इसके लिए उद्योग जगत सीएसआर फंड मुहैया कराएगा। इसके बदले उद्योगपतियों को बजट में कुछ राहतें दी जाएंगी। इससे 1,000 आईटीआई के अपग्रेड होने के साथ अन्य सभी में जरूरतों के हिसाब से कोर्स की व्यवस्था होगी। इससे करीब 16000 आईटीआई को फायदा होगा, जिसका लाभ रोजगार सृजन में मिलेगा।



