आगरा

रंगबाज युवक की गोली मारकर हत्या:मां बोली- बर्थडे से एक दिन पहले बेटे को मार डाला, चार लड़के उसे ले गए थे

आगरा । मेरे बेटे का कल जन्मदिन था। एक दिन पहले उसकी हत्या कर दी गई। उसे चार युवक लेकर गए। उनके बीच क्या बात हुई कि बेटे को मार डाला। मैंने उन लड़कों को पहले कभी नहीं देखा। ये बात बेटे राज चौहान की हत्या के बाद शनिवार को मां नीरू चौहान ने कही।
राज चौहान की शुक्रवार को आगरा के ट्रांसयमुना क्षेत्र के एसएन स्टे हाउस शराब पार्टी के दौरान विवाद होने पर ताबड़तोड़ गोली बरसाकर हत्या कर दी गई। जान बचाने के लिए राज होटल की गैलरी में भागा था। लेकिन 4 गोली लगने के बाद वह वहीं गिर गया।
सूचना पर डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को गैलरी में एक युवक का शव पड़ा मिला। वहीं कारतूस के खोखे पड़े थे। पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि दारू पार्टी चल रही थी। उसमें कौन-कौन शामिल था, यह पता लगा रही।
पुलिस की जांच में सामने आया कि राज चौहान टेढ़ीबगिया जलेसर रोड पर के एसएन होटल में रात 9 बजे के करीब कुछ लोग उससे मिलने आए। इसके बाद 9 बजकर 15 मिनट पर कमरे में अचानक फायरिंग होने लगी। राज घायल अवस्था में भागते हुए बाहर गैलरी तक पहुंचा।
पीछे से कमरे से निकले युवकों ने फिर से गोली मार दी। राज की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस को 5 खाली खोखे मिले हैं।
राज चौहान का परिवार मूल रूप से हाथरस के सादाबाद का रहने वाला है। वह अभी फिलहाल ट्रांस यमुना में रहता था। सूचना पर पहुंचीं राज चौहान की मां नीरू चौहान का रो-रोकर बुरा हाल है। वह रोते हुए कह रही थी कि मेरे बेटे को हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव के बेटे ने मारा है।
मां नीरू चौहान ने कहा- शुक्रवार शाम करीब 4 बजे घर पर 4 लड़के आए थे। कमरे में बैठे। बेटे के साथ काफी देर तक बात की थी। इसके बाद वो बेटे के साथ छत पर चले गए। उनके बीच क्या बात हुई पता नहीं, लेकिन वो बेटे को अपने साथ ले गए थे। उन्होंने उन लड़कों को पहले कभी नहीं देखा था। मुझे नहीं पता था कि जिनके साथ वो जा रहा है, वो ही उसे मरवा देंगे।
शनिवार को बेटे के गम में बदहवास मां सुध बुध खो बैठी हैं। जो भी घर में आता है उसे देखकर कहती है कि ये ही बेटे को ले गया था। परिजन उन्हें दिलासा दे रहे हैं।
ममेरे भाई लविश ने बताया कि जो युवक राज को शुक्रवार शाम को घर से ले गए थे, वो सुबह भी उसके साथ थे। राज की दीवानी में तारीख थी। चारों युवक दीवानी में भी उसके साथ गए थे। तारीख करके राज घर आ गया था। इसके बाद चारों फिर घर आए थे। काफी देर घर में बातचीत की। बाद में वो राज को अपने साथ ले गए।
पुलिस के अनुसार- आरोपी राज चौहान ने 9 मई को रंगबाजी में नगला रामबल के प्रिंस उर्फ काली यादव को अपने दो साथियों के साथ पकड़ कर गोली मारी थी। इसके बाद जबरन बाइक पर लादकर शाहदरा ले जाकर उसकी पिटाई की। इसके बाद दो गोली और चलाई थी।
गंभीर हालत में पुलिस ने प्रिंस को अस्पताल में भर्ती कराया था। उनकी मां सुधा की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि राज चौहान स्थानीय स्तर पर गैंगस्टर आलोक यादव की तरह रंगबाजी कर अपना गैंग चलाता है और पूर्व में भी कई आपराधिक गतिविधियों में उसका नाम सामने आ चुका है।
पुलिस के अनुसार हाथरस में रहने के दौरान राज चौहान ने अपने दादा की भी हत्या की थी। नाबालिग होने के कारण से दो साल बाल सुधार गृह में रखा गया था।
जिस होटल में हत्या हुई, उसे कुछ दिन पूर्व बंद कराया था। होटल के मैनेजर पर एक-दूसरे धर्म की शादीशुदा महिला को लाने पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। होटल बंद भी करवाया था। पुलिस को राज चौहान के कमरे से शराब की बोतलें और गिलास मिले हैं। अन्य कमरों से भी कुछ आपत्तिजनक सामान मिले हैं।

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