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‘एआई में भारत दूसरे दर्जे का कैसे हो सकता है?’ दावोस में आईएमएफ चीफ की टिप्पणी पर वैष्णव ने उठाया सवाल

दावोस । केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दावोस में कहा है कि दुनिया में तकनीक के लोकतंत्रीकरण को लेकर गहरी जिज्ञासा है और यह सुनिश्चित करने का यही सही रास्ता है कि एआई सहित सभी तकनीकी नवाचारों का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। विश्व भारत को वैश्विक नवाचार के प्रमुख चालक के रूप में देखता है।
विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मोदी के सहकारी संघवाद के मंत्र के तहत अधिक से अधिक राज्यों को दावोस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 10 राज्य दावोस में मौजूद हैं और जितने अधिक राज्य शामिल होंगे, उतना ही बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों को न केवल दावोस में भागीदारी में मदद करती है, बल्कि यहां उद्योग जगत और वैश्विक नेताओं के साथ सार्थक बैठकों की व्यवस्था में भी सहयोग करती है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र के शीर्ष वैश्विक लीडर्स के साथ हुई बैठक में भारत में किए जा रहे कार्यों की खुले तौर पर सराहना की गई। उन्होंने कहा कि एआई और तकनीक के लोकतंत्रीकरण को लेकर भी भारत के प्रयासों को वैश्विक पहचान मिल रही है। व्यापार वातार्ओं को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के लिए एक भरोसेमंद साझेदार है।
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि दावोस मंच औपचारिक व्यापार वातार्ओं के लिए नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान, पैनल चचार्ओं और द्विपक्षीय बैठकों के लिए है। उन्होंने कहा कि व्यापार संबंधी बातचीत देशों के अपने-अपने कार्यक्रमों और प्रक्रियाओं के तहत होती है।
डब्ल्यूईएफ के एक पैनल के दौरान वैष्णव ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉजीर्वा के उस बयान को भी खारिज कर दिया, जिसमें भारत को एआई अर्थव्यवस्थाओं के दूसरे स्तर में रखा गया था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर एआई के पहले समूह में शामिल है। वैष्णव ने कहा कि मुझे नहीं पता कि आईएमएफ के मानदंड क्या हैं, लेकिन स्टैनफोर्ड के आकलन के अनुसार एआई के प्रसार, एआई की तैयारी और एआई प्रतिभा के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि भारत को दूसरे स्तर में रखना सही नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत अक आर्किटेक्चर की सभी पांच परतों एप्लिकेशन, मॉडल, चिप, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी पर एक समग्र रणनीति के साथ काम कर रहा है, जो भारत को एआई के वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जा रही है।

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