आगरा

आगरा सरार्फा कारोबार में टैक्स रिफंड के नाम पर फजीर्वाड़ा

आगरा। आगरा में सरार्फा कारोबार से जुड़ा एक बड़ा टैक्स फजीर्वाड़ा सामने आया है। राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने इनवर्टेड टैक्स क्रेडिट के नाम पर करोड़ों रुपए के गलत रिफंड का खुलासा किया है। जांच में डीआर चेंस एंड वायर प्रोडक्ट्स और माधव मुरारी ज्वैलर्स द्वारा करीब 7.60 करोड़ रुपए का फर्जी रिफंड लेने की बात सामने आई है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, दोनों फर्मों के ठिकानों पर तीन दिनों तक चली जांच में कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए। पड़ताल के दौरान यह सामने आया कि कारोबारियों ने 18 प्रतिशत जीएसटी दर से कच्चा माल खरीदा और उससे इमीटेशन ज्वैलरी तैयार कर केवल तीन प्रतिशत टैक्स दर पर बिक्री दिखाई।
टैक्स दरों के अंतर को आधार बनाकर शेष राशि को रिफंड के रूप में प्राप्त कर लिया गया।जांच टीम ने ई-वे बिल और वाहनों की आवाजाही का मिलान किया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। रिकॉर्ड में दर्शाए गए सात वाहन कभी व्यापार स्थल पर पहुंचे ही नहीं।
रेकी के दौरान पता चला कि इन वाहनों के जरिए माल सीधे प्रिंस इंडस्ट्रीज को सप्लाई दिखाया गया था। इसके अलावा, निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की खरीद भी वास्तविक अनुपात में घोषित नहीं की गई।जांच के बाद डीआर चेंस एंड वायर प्रोडक्ट्स ने एक करोड़ रुपए जमा कराए हैं।
वहीं माधव मुरारी ज्वैलर्स जांच के समय बंद मिला। यहां से चोरी-छिपे माल हटाए जाने की सूचना पर थाना जगदीशपुरा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस फर्म से जुमार्ने के तौर पर 35 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है।

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