प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के तनावों के बीच जापान पहुंचे।

भारतीय और कनाडाई सरकारों ने अपने उच्चायुक्तों की नियुक्ति को लेकर नई घोषणा की है।भारत ने वरिष्ठ राजनयिक दिनेश के. पटनायक को कनाडा में भारत का नया उच्चायुक्त नियुक्त किया है। वर्तमान में पटनायक स्पेन में भारत के राजदूत के रूप में कार्यरत हैं, और वे जल्द ही कनाडा में अपने नए कार्यभार को ग्रहण करेंगे।
कनाडा ने क्रिस्टोफ़र कूटर को भारत में अपना नया उच्चायुक्त नियुक्त किया है। यह पद पिछले साल से खाली था, और नई नियुक्तियाँ दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने एक बयान में कहा कि नए उच्चायुक्त की नियुक्ति भारत के साथ कूटनीतिक जुड़ाव को धीरे-धीरे गहरा करने और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की कनाडा की नीति को दर्शाती है।
भारत और कनाडा के संसाधनों में सुधार की ये बुनियादी कोशिशें उस समय आई हैं जब दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। पिछले वर्ष, भारत के पूर्व उच्चायुक्त ने अक्टूबर में कनाडा छोड़ दिया था। कनाडा ने उन छह राजनयिकों को हटाने का आरोप लगाया था, जो हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़ाव के आरोप में निष्कासित किए गए थे, जबकि भारत ने कहा कि उसने अपने उच्चायुक्त को वापस बुला लिया था।
इस घटना ने दोनों देशों के बीच संबंधों को और बिगाड़ दिया। विशेष रूप से, पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस आरोप ने कि भारत का कनाडा में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से संबंध था, मामले को और पेचीदा बना दिया। भारत ने लगातार इन आरोपों को नकारा है।
भारत ने 6 वरिष्ठ कनाडाई राजनयिकों के निष्कासन का भी आदेश दिया था, जिसमें तत्कालीन कार्यवाहक उच्चायुक्त भी शामिल थे। यह एक नई स्थिति थी जिसमें दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों पर सवाल उठने लगे थे।
इन उच्चायुक्तों की नियुक्ति विद्यमान स्थिति के सुधार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत का प्रतिनिधित्व करती है। दोनों देशों ने यह सुनिश्चित करने की जरूरत महसूस की है कि उनके बीच की कूटनीतिक चैनल खुला रहें। अब देखने वाली बात यह है कि ये नियुक्तियाँ कितने सकारात्मक परिणाम लाती हैं।
कनाडा के नए उच्चायुक्त क्रिस्टोफ़र कूटर, जो पहले विदेश मंत्रालय में निदेशक रहे हैं, विदेश नीति के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उनकी नियुक्ति को उनकी कूटनीतिक समझदारी और अनुभव के लिए देखा जा रहा है। दूसरी ओर, भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक को बुनियादी रूप से भारत और कनाडा के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।
दोनों देशों के बीच संबंधों का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें व्यक्तिगत, आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर सहयोग शामिल रहा है। भारतीय प्रवासी कनाडा में एक महत्वपूर्ण समुदाय बन चुके हैं, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक पुल का काम करते हैं।
इस नई नियुक्ति के साथ ही, उम्मीद की जा रही है कि इसे लेकर नई चर्चाएँ और सहयोग की दिशा में नए रास्ते खुलेंगे। दोनों देश इस बार एक दूसरे के साथ संवाद में और अधिक पारदर्शिता और स्पष्टता लाने का प्रयास करेंगे।
इन नई नियुक्तियों के माध्यम से दोनों देशों ने यह संकेत दिया है कि वे अपने संबंधों को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद की जाती है कि दोनों देशों के उच्चायुक्त अपने-अपने देशों के संबंधों को और मजबूत करने के लिए काम करेंगे, जो भविष्य में स्थायी शांति और सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
भरतीय और कनाडाई नेतृत्व के बीच कूटनीतिक संवाद और अधिकारियों के बीच सहयोग बढ़ाने की निरंतर कोशिशें दीर्घकालिक संबंधों को स्थापित करने में काफी सहायक सिद्ध हो सकती हैं। इन नए उच्चायुक्तों की नियुक्ति केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक समझौता है जिससे दोनों देशों के बीच सकारात्मक संवाद को बढ़ावा मिलेगा।
कनाडा के उच्चायुक्त की नियुक्ति से भारत के साथ व्यापार, संस्कृति और सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की नई उम्मीदें हैं। वहीं, भारत के नए उच्चायुक्त से भी ये उम्मीद की जा रही है कि वे कनाडा में भारतीय समुदाय की समस्याओं को उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और दोनों देशों के बीच मौलिक संबंधों को मजबूत करेंगे।
कुल मिलाकर, ये नियुक्तियां केवल राजनयिक संबंधों को पुनर्जीवित करने की कोशिश नहीं हैं, बल्कि यह एक ऐसे अवसर की पहचान हैं जब भारत और कनाडा के बीच की कूटनीतिक और आर्थिक साझेदारी को एक नई दिशा दी जा सके। अब देखना ये है कि दोनों देश इस दिशा में क्या कदम उठाते हैं और इन नई नियुक्तियों का वास्तविक प्रभाव क्या होगा।