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कोलकाता यूनिवर्सिटी में BBC की बैन डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग:SFI ने कॉलेज के बाहर सड़क पर मंच बनाया, लैपटॉप पर डॉक्यूमेंट्री दिखाई – Dixit Times
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कोलकाता यूनिवर्सिटी में BBC की बैन डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग:SFI ने कॉलेज के बाहर सड़क पर मंच बनाया, लैपटॉप पर डॉक्यूमेंट्री दिखाई

कोलकाता यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी BBC की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ दिखाई। यूनिवर्सिटी के अंदर डॉक्यूमेंट्री दिखाए जाने की परमिशन नहीं थी, इसलिए इसे बाहर सड़क पर दिखाया गया। कैंपस के अंदर बिजली नहीं मिलने पर SFI ने मुख्य सड़क पर मंच बनाया। इसके बाद लैपटॉप पर डॉक्यूमेंट्री दिखाई।

कोलकाता के प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी में दो बार दिखाई जा चुकी डॉक्यूमेंट्री
इससे पहले SFI ने प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी में एक सप्ताह में 2 बार डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की थी। पहली बार 27 और दूसरी बार 31 जनवरी को स्क्रीनिंग की गई। BBC की दो-पार्ट वाली डॉक्यूमेंट्री की जब पहली स्क्रीनिंग की गई थी तो अचानक बिजली काट दी गई थी। SFI ने दावा किया था कि बिजली कटौती यूनिवर्सिटी के अधिकारियों द्वारा डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को रोकने के लिए की गई थी।

BBC डॉक्यूमेंट्री पर केंद्र को नोटिस, सुप्रीम कोर्ट ने तीन हफ्ते में मांगा जवाब
इधर, डॉक्यूमेंट्री पर लगे बैन को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है और ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स जमा करने के आदेश दिए हैं। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई अप्रैल में होगी। दरअसल, डॉक्यूमेंट्री पर रोक लगाए जाने के खिलाफ महुआ मोइत्रा, प्रशांत भूषण और एडवोकेट एमएल शर्मा ने याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि BBC की डॉक्यूमेंट्री पर बैन लगाने का सरकार का फैसला मनमाना और असंवैधानिक है।

याचिकाकर्ता का दावा- डॉक्यूमेंट्री दंगों की जांच में मददगार
याचिका में दावा किया गया है कि ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ नामक डॉक्यूमेंट्री में 2002 के गुजरात दंगों और उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की जांच की गई है। जब दंगे भड़के थे, तब PM मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री थे। याचिका में यह भी कहा गया है कि डॉक्यूमेंट्री में दंगे रोकने में नाकामयाब रहे जिम्मेदारों से जुड़े कई फैक्ट्स हैं। हालांकि, सच्चाई सामने आने के डर से इसे आईटी रूल 2021 के नियम 16 के तहत बैन किया गया है। रिकॉर्ड किए गए फैक्ट्स भी सबूत हैं और इन्हें पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसे न्याय नहीं मिला है।

दंगों के लिए जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की मांग की गई
याचिका में गुजरात दंगों के लिए जिम्मेदार लोगों की जांच की भी मांग की गई है। एमएल शर्मा ने कहा है कि BBC डॉक्यूमेंट्री के दोनों एपिसोड और BBC के रिकॉर्ड किए गए सभी ओरिजनल फैक्ट्स की जांच करें। साथ ही गुजरात दंगों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी तरह से जिम्मेदार या शामिल आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 146, 302, 376, 425 और 120-बी और के तहत उचित कार्रवाई करें।

याचिका लगाने पर कानून मंत्री बोले- ये लोग SC का समय बर्बाद करते हैं
कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका को लेकर सोमवार को ट्वीट किया। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि देश में जहां हजारों आम नागरिक न्याय के लिए इंतजार और तारीखों की मांग कर रहे हैं। ऐसे समय में कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट का कीमती समय बर्बाद करते हैं।

BBC ने चीनी कंपनी हुवावे से पैसा लेकर बनाई डॉक्यूमेंट्री
BJP से राज्यसभा सांसद और सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने BBC पर चीनी कंपनी से पैसा लेकर भारत विरोधी डॉक्यूमेंट्री बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा- BBC को चीनी कंपनी हुवावे ने मोदी की छवि खराब करने के लिए पैसा दिया है। अब BBC चीनी एजेंडे को ही आगे बढ़ा रहा है। महेश जेठमलानी दिवंगत एडवोकेट राम जेठमलानी के बेटे हैं।

उन्होंने ट्वीट करके कहा- BBC इतना भारत विरोधी क्यों है? BBC का भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने का एक लंबा इतिहास रहा है। 2021 में बिना जम्मू-कश्मीर के भारत का नक्शा BBC ने जारी किया था। बाद में उसने भारत सरकार से माफी मांगी थी और नक्शे को सही किया था।

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