टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस में आक्रोश, ज्योतिमणि बोलीं- सीटों के चयन में पारदर्शिता नहीं

चेन्नई । कांग्रेस सांसद एस. ज्योतिमणि (करूर) ने तमिलनाडु में अप्रैल 23 को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए डीएमके गठबंधन में सीट चयन प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में कुल पारदर्शिता की कमी है और पार्टी के हित पूरी तरह से समझौते का शिकार हो गए हैं।
ज्योतिमणि ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि सीटों के चयन में कोई पारदर्शिता नहीं है। हमारा सुझाव कि सीटों का चयन विस्तृत चर्चा और पारदर्शिता के साथ किया जाए, उसे जिम्मेदार अधिकारियों ने खारिज कर दिया। कांग्रेस को इस गठबंधन में कुल 28 सीटें दी गई हैं।
सांसद के यह बयान ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां जैसे डीएमके और एआईएडीएमके आगामी चुनाव की रणनीतियां अंतिम रूप दे रही हैं। इसके साथ ही विजय की तमिलगा वेत्त्री कझगम (ळश्ङ) जैसी नई पार्टियां भी ध्यान खींच रही हैं। ज्योतिमणि ने राज्य नेतृत्व पर सीट-साझा और चयन प्रक्रिया को गुप्त तरीके से करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी के मेहनती कार्यकतार्ओं के वर्षों के योगदान की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने कहा यह देखना दुखद है कि पार्टी में योगदान न देने वाले लोग कांग्रेस कार्यकतार्ओं की मेहनत को बेच रहे हैं। सांसद ने चेतावनी दी कि अगर यह ‘मर्चेंट या बिक्री आधारित दृष्टिकोण’ जारी रहा, तो तमिलनाडु में कांग्रेस पार्टी को कोई नहीं बचा सकता। ज्योतिमणि ने संकेत दिया कि वह इस मामले पर चुप नहीं रहेंगी और सीटों व उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक होने पर और विस्तृत बयान देंगी। तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं और चुनाव 23 अप्रैल को एक चरण में होंगे।



