कैंडिडेट्स टूनार्मेंट में नहीं खेलेंगी कोनेरू हंपी, सुरक्षा को लेकर जताई थी चिंता
नई दिल्ली । भारतीय ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी इस महीने साइप्रस में होने वाले प्रतिष्ठित कैंडिडेट्स टूनार्मेंट में हिस्सा नहीं लेंगी। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच मेजबान देश में सुरक्षा की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की थी। अब उन्होंने इस टूनार्मेंट से नाम वापस लेने का फैसला लिया है। हंपी ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दी। उन्होंने लिखा, ‘बहुत सोचने के बाद मैंने फिडे महिला कैंडिडेट्स टूनार्मेंट से हटने का मुश्किल फैसला लिया है।’ हंपी की जगह यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक को शामिल किया गया है।
विश्व चैंपियनशिप के खिताबों के लिए चुनौती पेश करने वाले खिलाड़ियों का फैसला करने वाला कैंडिडेट्स टूनार्मेंट 28 मार्च से शुरू होना है। पुरुष वर्ग का खिताब भारत के डी गुकेश जबकि महिला वर्ग का खिताब चीन की जू वेनजुन के पास है।
पश्चिम एशिया तनाव के कारण हंपी सुरक्षा को लेकर चिंतित थीं। उन्होंने बुधवार (18 मार्च) को ‘एक्स’ पर लिखा, ‘मुझे पता है कि मैं अकेले शायद कुछ भी नहीं बदल सकती। लेकिन चाहे मैं कैंडिडेट्स में खेलूं या नहीं खेलूं, मुझे लगता कि जो मैं महसूस करती हूं उसे जाहिर करना जरूरी है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं उन सभी की शुक्रगुजार हूं जिन्होंने अपना समर्थन दिया है। जो लोग इस स्थिति की संवेदनशीलता को नहीं समझ सकते मैं उनके लिए बात यहीं छोड़ देती हूं।’
शतरंज की वैश्विक संचालन संस्था फिडे के सीईओ एमिल सुतोवस्की ने इन चिंताओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि दूर-दूर तक भी ऐसा कुछ भी खतरनाक नहीं है जिसके लिए स्थल बदलने की जरूरत पड़े। सुतोवस्की ने कहा, ‘हमारी योजनाएं नहीं बदली हैं। हम कैंडिडेट्स टूनार्मेंट की तैयारियों के अंतिम चरण में हैं। बेशक, हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं। साइप्रस युद्ध क्षेत्र या संघर्ष क्षेत्र से बहुत दूर नहीं है लेकिन साथ ही यह किसी भी तरह से सीधे तौर पर शामिल नहीं है और युद्ध की स्थिति में नहीं है।’ साइप्रस भूमध्य सागर का तीसरा सबसे बड़ा द्वीप है और तुर्किये के दक्षिण में स्थित है। यह यूरोपीय संघ का सदस्य है।




