पेठा उद्योग पर सिलेंडर किल्लत का ग्रहण:गैस नहीं मिलने से 60 से 70 यूनिट बंद

आगरा। आगरा की पहचान माने जाने वाले पेठा उद्योग पर इस समय सिलेंडर और गैस की किल्लत का ग्रहण लग गया है। कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिलने और पीएनजी आपूर्ति शुरू न होने से नूरी गेट क्षेत्र की अधिकांश पेठा इकाइयों में उत्पादन ठप हो गया है। इससे कारोबारियों के साथ-साथ कारीगरों और किसानों के सामने भी संकट गहरा गया है। वहीं स्टोर में रखा पेठे का फल इस्तमाल न होने की वजह से खराब हो रहा है।
नूरी दरवाजा पर करीब 60 से 70 पेठा यूनिट हैं। व्यापारियों के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से यहां की कई इकाइयों पर ताला लटक गया है। रोजाना होने वाला 15 से 20 लाख रुपये का उत्पादन भी प्रभावित हो गया है और पुराने स्टॉक से ही आॅर्डर पूरे करने की कोशिश की जा रही है।
नूरी दरवाजा की पेठा यूनिट में काम करने वाले कर्मचारी रमेश का कहना है कि टीटीजेड क्षेत्र होने की वजह से अब कोयला और लकड़ी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। ऐसे में गैस ही एकमात्र विकल्प है। गैस नहीं मिल रही है, इसलिए कई इकाइयों में काम बंद हो गया है। अगर जल्द व्यवस्था नहीं हुई तो बाकी इकाइयों का काम भी पूरी तरह ठप हो सकता है, उन्होंने बताया।
आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल और मिठाई व पेठा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने इस समस्या को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के सामने रखा था। डीएम के हस्तक्षेप के बाद एडीएम सिविल सप्लाई और जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार को व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान निकालने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में पुलिस लाइन स्थित जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में समन्वय बैठक भी हो चुकी है। वहीं पेठा स्टोर में रखा पेठे का फल खराब हो रहा है।
बैठक में ग्रीन गैस के अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि नूरी गेट क्षेत्र में जहां पीएनजी लाइन डाली जा चुकी है। वहां जिन व्यापारियों के कनेक्शन हैं उन्हें तुरंत आपूर्ति दी जाए और जो नए कनेक्शन लेना चाहते हैं, उन्हें कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। हालांकि व्यापारियों का आरोप है कि इसके बावजूद ग्रीन गैस की ओर से अब तक कोई पहल नहीं की गई है।
मिठाई एवं पेठा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल का कहना है कि उनके साथ कई अन्य इकाइयों के पीएनजी कनेक्शन पहले से हैं, लेकिन न तो गैस की आपूर्ति दी जा रही है और न ही नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं। ह्लगैस न मिलने के कारण उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया है। लगातार प्रशासन से बात करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है,ह्व उन्होंने कहा।
व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द ही पीएनजी या कमर्शियल गैस सिलेंडर की व्यवस्था नहीं की गई तो आगरा का पारंपरिक पेठा उद्योग गंभीर संकट में पड़ सकता है और इससे जुड़े सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा।




