बांके बिहारी मंदिर में फूल बंगला बनवाना हुआ महंगा:भक्त को जमा करने होंगे 1,51,000 रुपए, हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी ने लिया निर्णय
मथुरा । बांके बिहारी मंदिर में बनने वाले फूल बंगला अब मंहगे हो गए हैं। जो फूल बंगला बनवाने के लिए भक्त को पहले 15 हजार रुपए मंदिर कार्यालय में जमा करने होते थे, वह राशि अब दस गुना बढ़ाकर 1 लाख 51 हजार रुपए कर दी गई है। यह निर्णय बांके बिहारी मंदिर का प्रबंधन देख रही हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी ने 13वीं मीटिंग में लिया।
बांके बिहारी मंदिर में चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी से हरियाली अमावस तक बनने वाले फूल बंगला के लिए भक्तों में होड मची रहती है। भक्त एक से एक सुंदर फूल बंगला बनवाते हैं। इन फूल बंगला बनवाने के लिए भक्त मंदिर कार्यालय में 15 हजार रुपए जमा करवाते थे। इसके अलावा फूल और बंगला बनाने में आने वाले खर्च पर व्यय करते हैं। फूल बंगला बनवाने वाले भक्तों की यह स्थिति होती है कि उनको इसके लिए एक एक साल तक इंतजार करना पड़ता है।
मंदिर में गर्मियों के दौरान बनने वाले फूल बंगला में मंदिर कार्यालय में जमा होने वाली राशि को लेकर हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी की गुरुवार देर शाम हुई 13 वीं बैठक में चर्चा की गई। बैठक में बताया गया एक फूल बंगला की राशि मंदिर कार्यालय में 15 हजार रुपए जमा की जाती है।
इसके बाद कमेटी ने निर्णय लिया कि अब यह राशि 1,51,000 रुपए जमा कराई जाए। कमेटी सदस्य और मंदिर के सेवायत दिनेश गोस्वामी ने बताया कि यह राशि भगवान के खजाने में जाएगी। इससे खजाना बढ़ेगा और श्रद्धालुओं की सेवा और उनको प्रदान की जाने वाली के सेवा के लिए प्रयोग की जाएगी।
भगवान बांके बिहारी जी को गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से यहां 108 दिन फूल बंगला बनाए जाते हैं। यहां प्रतिदिन 2 फूल बंगला बनाए जाते हैं। राजभोग सेवा के दौरान भगवान अलग फूल बंगला में विराजमान होते हैं वहीं शाम को शयनभोग सेवा के दौरान अलग फूल बंगला में विराजमान होते हैं। कमेटी का अनुमान है कि इससे प्रतिदिन 3 लाख रुपए मंदिर को प्राप्त होंगे।
कमेटी अध्यक्ष रिटायर्ड न्यायधीश अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि श्री बांके बिहारी मंदिर के अधीन राधाकुंड में स्थित कुंज बिहारी मंदिर,वृंदावन में वमन पूरी स्थित हनुमान मंदिर, स्नेह बिहारी मंदिर के सामने स्थित शिवालय का जीर्णोद्वार और साफ सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा निधिवन में लता पताओं को सींचने और ललिता कुंड में मीठा पानी भरने के लिए अलग से एक पाइप लाइन लाने का निर्णय लिया गया।




