WordPress

Briefly unavailable for scheduled maintenance.
Check back in a some hours.
Briefly unavailable for scheduled maintenance

WordPress

Briefly unavailable for scheduled maintenance.
Check back in a some hours.
नेपाल चुनाव में राजनीतिक दलों ने जारी किए घोषणा पत्र, पड़ोसी देशों से मैत्रीपूर्ण संबंधों का वादा – Dixit Times
अन्य

नेपाल चुनाव में राजनीतिक दलों ने जारी किए घोषणा पत्र, पड़ोसी देशों से मैत्रीपूर्ण संबंधों का वादा

काठमांडू । 5 मार्च को होने वाले आम चुनावों से पहले नेपाल की तीन प्रमुख राजनीतिक पार्टियों नेपाली कांग्रेस (एनसी), नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (सीपीएन-यू) और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने गुरुवार को अपने-अपने चुनावी घोषणा पत्र जारी किए। तीनों दलों ने पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण और संतुलित संबंधों पर जोर दिया है।
जहां पारंपरिक दल एनसी और यूएमएल की विदेश नीति उनके पूर्व शासन अनुभव के आधार पर जानी-पहचानी है, वहीं अगली सरकार का नेतृत्व करने की आकांक्षा रखने वाली आरएसपी की विदेश नीति को लेकर खास उत्सुकता थी। पार्टी ने पूर्व काठमांडू महानगरपालिका मेयर बालेन शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। आरएसपी ने अपने घोषणा पत्र में ‘संतुलित और गतिशील कूटनीति’ अपनाने की बात कही है। पार्टी ने नेपाल को ‘बफर स्टेट’ से ‘सक्रिय सेतु’ (वाइब्रेंट ब्रिज) में बदलने का संकल्प जताया है। इसके तहत त्रिपक्षीय आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने की योजना है, विशेष रूप से भारत और चीन जैसे पड़ोसी देशों के साथ।
पार्टी ने माना कि नेपाल में भारत और चीन के रणनीतिक हित हैं और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव हो रहा है। ऐसे में नेपाल को सक्रिय और लचीली कूटनीतिक नीति अपनानी चाहिए, ताकि वह बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और पड़ोसी अर्थव्यवस्थाओं के उदय से लाभ उठा सके। आरएसपी ने पिछले दशक में भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, उच्च गुणवत्ता वाली भौतिक परियोजनाओं, अर्थव्यवस्था के औपचारिककरण और औद्योगिक-सेवा क्षेत्र समन्वय में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि नेपाल दक्षिणी पड़ोसी के अनुभव से लाभ ले सकता है। साथ ही, चीन के साथ रियायती वित्तपोषण के जरिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, राज्य-निर्देशित विकास योजना और अंतर-प्रांतीय प्रतिस्पर्धा के मॉडल से सीखने पर भी जोर दिया गया है।
एनसी ने अपने घोषणा पत्र में कहा कि उसकी विदेश नीति के तहत नेपाल किसी भी रक्षा, सैन्य या सुरक्षा संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेगा और न ही प्रमुख शक्तियों के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में शामिल होगा। पार्टी ने समानता के आधार पर सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने के अपने पुराने सिद्धांत को दोहराया। पार्टी ने कहा, ‘हमारे पड़ोसी और मित्र देशों के साथ संबंध समानता और पारस्परिक सम्मान पर आधारित होंगे तथा पारस्परिक लाभ और आर्थिक साझेदारी के आधार पर आगे बढ़ाए जाएंगे।’ पार्टी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहेगा।
सीपीएन-यूएमएल ने भी अपनी लंबे समय से चली आ रही विदेश नीति ‘सबसे मित्रता, किसी से शत्रुता नहीं’ को दोहराया। पार्टी ने पड़ोसी मित्र देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध और सहयोग को मजबूत करने तथा व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ जुड़ाव बढ़ाने का संकल्प जताया। यूएमएल ने कहा कि उसके नेतृत्व में नेपाल किसी भी पड़ोसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखेगा और ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जिससे उनके हितों को नुकसान पहुंचे। आगामी चुनावों में विदेश नीति, क्षेत्रीय संतुलन और पड़ोसी देशों के साथ संबंध प्रमुख मुद्दों में शामिल होते दिख रहे हैं।

Related Articles

Back to top button