नीदरलैंड की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी हुई हैक: 60 लाख ग्राहकों के बैंक-पासपोर्ट का डाटा चोरी; मामले की जांच शुरू
एम्सटर्डैम । नीदरलैंड की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी ओडिडो पर साइबर हमलावरों ने बड़ा हमला बोल दिया है। कंपनी ने खुद माना कि हैकर्स ने उसके सिस्टम में घुसकर 60 लाख से ज्यादा ग्राहकों का निजी डेटा चुरा लिया। यह डेटा बहुत संवेदनशील है। इसमें लोगों के बैंक खाते की जानकारी और पासपोर्ट नंबर जैसी चीजें शामिल हैं। यह नीदरलैंड में अब तक का सबसे बड़ा डेटा लीक मामला बन गया है। कंपनी ने ग्राहकों को चेतावनी भेजी है और जांच शुरू कर दी है।
ओडिडो ने सात फरवरी को संदेह होने पर जांच शुरू की। कंपनी ने अपने अंदरूनी विशेषज्ञों और बाहर के एक्सपर्ट्स की मदद ली। जांच में पता चला कि हैकर्स ने कंपनी के उस सिस्टम पर हमला किया जिससे ग्राहकों से संपर्क किया जाता है। कंपनी ने तुरंत अनधिकृत पहुंच रोक दी। अब कंपनी का कहना है कि फोन और इंटरनेट इस्तेमाल करना पूरी तरह सुरक्षित है। प्रभावित ग्राहकों को ईमेल भेजकर सूचित किया गया है कि उनका डेटा प्रभावित हो सकता है।
ओडिडो ने इस घटना की सूचना नीदरलैंड की प्राइवेसी और डेटा प्रोटेक्शन संस्था एपी को दे दी है। कंपनी ने कहा है कि वह पूरी जांच कर रही है और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए हर कदम उठा रही है। कंपनी ने ग्राहकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और कोई संदिग्ध ईमेल या मैसेज पर ध्यान न दें। ओडिडो ने यह भी बताया कि हमले के बाद सिस्टम को सुरक्षित कर लिया गया है।
ओडिडो पहले टी-मोबाइल का डच बिजनेस था। 2021 में इसे प्राइवेट इक्विटी फर्म्स अपैक्स और वॉरबर्ग पिंकस ने खरीद लिया था। कंपनी नीदरलैंड में करीब 80 लाख ग्राहकों को सेवा देती है। वहां के बाजार में यह केपीएन और वोडाफोनजिग्गो जैसी बड़ी कंपनियों से मुकाबला करती है। यह हमला कंपनी की छवि पर बड़ा असर डाल सकता है।
यह हमला दिखाता है कि साइबर खतरा कितना बड़ा है। ग्राहकों को अपने बैंक खातों पर नजर रखनी चाहिए। पासवर्ड बदलने चाहिए और दो-कारक प्रमाणीकरण चालू करना चाहिए। कंपनी ने कहा है कि वह प्रभावित लोगों की मदद के लिए कदम उठा रही है। नीदरलैंड की सरकार और प्राइवेसी वॉचडॉग इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। ऐसे हमलों से बचने के लिए हर कोई सतर्क रहना जरूरी है।




