फ्लाइट में महिला से यौन दुर्व्यवहार के आरोप में भारतीय नागरिक दोषी करार, 7 मई को सुनाई जाएगी सजा

न्यूयॉर्क । अमेरिका में भारतीय मूल के एक नागरिक को घरेलू उड़ान में महिला सहयात्री से यौन दुर्व्यवहार का दोषी ठहराया गया है। अदालत ने 38 वर्षीय वरुण अरोड़ा को साल 2024 में विमान में सवार होने के दौरान महिला यात्री के साथ यौन उत्पीड़न का दोषी पाया गया है। ऐसे में अब सात मई को होने वाली सुनवाई में उसे अधिकतम दो साल की जेल हो सकती है। यह ङी बताया गया कि वो अमेरिका में बिना वैध नागरिकता के रह रहा है।
वर्जीनिया के पूर्वी जिले में अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक एक संघीय जूरी ने गुरुवार 29 जनवरी को वरुण अरोड़ा को यौन दुर्व्यवहार और हमले के आरोपों में दोषी ठहराया। बताया गया कि यह दोषसिद्धि 29 अगस्त, 2024 को रोड आइलैंड टीएफ ग्रीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने के अंतिम चरण के दौरान हुई एक घटना से जुड़ा है।
अदालती रिकॉर्ड और मुकदमे के सबूतों का हवाला देते हुए अमेरिकी अटॉर्नी के कार्यालय ने कहा कि एक महिला यात्री उस समय जाग उठी, जब वरुण अरोड़ा उसके साथ यौन दुर्व्यवहार कर रहा था। बयान में बताया गया है कि उसने स्लीप मास्क पहन रखा था और सोने का नाटक कर रहा था और पीड़िता के बार-बार उसका हाथ हटाने के बावजूद अपना हाथ उस पर रखता रहा।
एफबीआई के विशेष एजेंट मार्क एस्पोसिटो की ओर से अदालत में दायर हलफनामे के अनुसार अरोड़ा गलियारे वाली सीट पर बैठा था, जबकि पीड़ित उसके बगल वाली बीच वाली सीट पर सो रही थी। हलफनामे के मुताबिक महिला ने अरोड़ा को अपने प्राइवेट पार्ट को छूने का पहली बार अनुभव करने के बाद खुद को उससे दूर करने की कोशिश की और उसका हाथ हटा दिया। लेकिन आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और फिर से छूने की कोशिश करने लगा।
हलफनामे के अनुसार, विमान से उतरते समय उसने उसकी एक तस्वीर ली और अगले दिन इस घटना की सूचना अमेरिकन एयरलाइंस को दी। एफबीआई ने मामले की जांच की और पुष्टि की है कि पीड़ित और संदिग्ध उड़ान में एक दूसरे के बगल में बैठे थे। आंशिक रूप से पीड़ित द्वारा ली गई संदिग्ध की तस्वीर की तुलना अरोड़ा के ड्राइविंग लाइसेंस पर मौजूद तस्वीर से करके। उसे अगस्त 2025 में गिरफ्तार किया गया था और उसी वर्ष अक्टूबर में उन पर आरोप तय किए गए थे।
अब संघीय जिला न्यायालय के न्यायाधीश अमेरिकी सजा दिशानिदेर्शों और अन्य वैधानिक कारकों पर विचार करने के बाद सजा का निर्धारण करेगा। अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के अनुसार अमेरिका में अरोड़ा ‘बिना कानूनी दर्जे के’ रह रहा था।




