आॅपरेशन यमुनापार-48 घंटे में 5 एनकाउंटर, एक ढेर:4 के पैर में लगी गोली

आगरा । आगरा के सनसनीखेज राज चौहान हत्याकांड के बाद पुलिस ने आॅपरेशन यमुनापार शुरू कर दिया है। 48 घंटे में 5 एनकाउंटर किए। इसमें हत्याकांड को अंजाम देने में सामने आए 6 आरोपियों में पुलिस ने एक को ढेर कर दिया और 5 को हिरासत में ले लिया है। इनमें से 4 के पैर में गोली लगी हैं। 5 पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
इसके साथ ही यमुनापार के 32 दबंग पुलिस ने निशाने पर आ गए हैं। इन पर कार्रवाई की तैयारी है।
मूलरूप से हाथरस के गांव बेदई निवासी राज चौहान (22 वर्ष) की 23 जनवरी को एसएन स्टे गेस्ट हाउस में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम में 7 गोलियां लगने से मौत की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने गेस्ट हाउस के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए थे। इसमें राज के साथी हमलावरों के आने के बाद भागते हुए बाहर निकलते नजर आ रहे थे।
पुलिस ने छानबीन की तो राज चौहान हत्याकांड में 5 नाम सामने आए। इनमें मुख्य अरबाज खान उर्फ मंसूरी, विष्णु पंडित, आकाश प्रजापति, आशु तिवारी और मोहित पंडित थे। पुलिस ने इन सभी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
इस हत्याकांड की गूंज लखनऊ तक पहुंची। जिसके बाद आगरा पुलिस डबल एक्शन में आ गई। आरोपियों की धरपकड़ के लिए 9 टीमें तैयार की गईं। इनकी धरपकड़ के लिए छापेमारी और तलाशी शुरू हुई।
राज चौहान की हत्या के बाद खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस पर दबाव बढ़ने लगा। पुलिस ने जगह-जगह चेकिंग शुरू कर दी।
28 जनवरी की रात को 3 एनकाउंटर:
पहला एनकाउंटर ट्रांस यमुना के खत्ता पार्क के पास हुआ। यहां पुलिस मोहित पंडित को पकड़ा। उसके पैर में गोली लगी।
दूसरा एनकाउंटर डौकी के नदौता पुल के पास हुआ। यहां पुलिस ने एनकाउंटर में आशु तिवारी को पकड़ा। उसके पैर में गोली लगी।
तीसरा एनकाउंटर ट्रांस यमुना स्थित कांलिदी कॉलोनी में हुआ। यहां दरोगा की पिस्टल लेकर भाग रहा मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी एनकाउंटर में ढेर हो गया।
29 जनवरी की रात को 2 एनकाउंटर:
पहला एनकाउंटर थाना बमरौली कटारा के एत्मादपुर मदरा अंडरपास पर हुआ। यहां पुलिस ने विष्णु पंडित उर्फ भुल्ला को पकड़ा। पैर में गोली लगी। उसका एक अन्य साथी शिवांश भी पकड़ा गया।
दूसरा एनकाउंटर थाना एत्मादपुर क्षेत्र में हुआ। पुलिस ने यहां आकाश प्रजापति को पकड़ा। उसके पैर में गोली लगी।
राज चौहान की हत्या का प्लान अरबाज खान उर्फ मंसूरी ने एक महीने पहले ही बना लिया था। पूरी तैयारी के साथ राज को गेस्ट हाउस में पार्टी के लिए बुलाया गया। साथियों ने ही मंसूरी को आॅल क्लियर का मैसेज भेजा और मंसूरी समेत 5 हमलावरों ने पैदल ही पहुंचकर राज पर 5 तमंचे से ताबड़तोड़ 18 गोलियां चलाकर उसकी हत्या कर दी। राज चौहान के 7 गोलियां लगीं।
राज और मंसूरी में जेल से ही ठन गई थी
पुलिस पूछताछ में सामने आया था-राज चौहान और अरबाज खान उर्फ मंसूरी एक साथ जेल में बंद थे। तब किसी बात को लेकर उनमें ठन गई थी। दोनों एक-दूसरे के दुश्मन बन गए थे। एक महीने पहले जेल से बाहर आने के बाद राज चौहान ने जुलूस निकाला। उसके जुलूस में 200 से अधिक युवा शामिल हुए थे। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने युवकों को चिह्नित किया था। उनके खिलाफ कार्रवाई की थी।
जेल से बाहर आने के बाद राज ने अपना दबदबा कायम करना शुरू कर दिया था। 14 जनवरी को उसने साथियों के साथ यमुना किनारा पर जुआ लूट लिया था। यह जुआ मंसूरी की शह पर चल रहा था। हथियारों के बल पर मारपीट भी की थी। तब से ही उसके खिलाफ साजिश की जाने लगी। मंसूरी बदमाश आलोक यादव का साथी था। राज क्षेत्र में उभरते हुए बदमाश के रूप में सामने आ रहा था। यह बात अन्य दबंगों को खटकने लगी थी।



