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आंदोलन कुचलने के लिए खामेनेई की सेना ने बरसाईं गोलियां! डॉक्टर का दावा- केवल तेहरान में 217 मौत

तेहरान । ईरान में सरकार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन शनिवार (10 जनवरी) को 13वें दिन में जा पहुंचा है। खराब अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई के बीच जनता सड़कों पर उतर चुकी है और खामेनेई प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रही है। इस बीच देश में जारी सरकार विरोधी आंदोलन को लेकर हैरान कर देने वाला दावा सामने आया है। एक ईरानी डॉक्टर ने दावा करते हुए कहा है कि सिर्फ तेहरान में 217 मौतें हुई हैं।
ईरान से मिली रिपोर्टों के अनुसार विरोध प्रदर्शन अब देश के सभी 31 प्रांतों में फैल चुका है। टाइम पत्रिका की एक रिपोर्ट में तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से नाम न छापने की शर्त पर बताया गया है कि राजधानी के सिर्फ छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें से अधिकांश की मौत गोली लगने से हुई है।
डॉक्टर का दावा है कि तेहरान में 200 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। टाइम पत्रिका को तेहरान के एक डॉक्टर ने बताया कि राजधानी के सिर्फ छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें से अधिकतर की जान सुरक्षा बलों की तरफ से की गई गोलीबारी में गई है। डॉक्टर ने ईरानी अधिकारियों के डर से नाम न छापने की शर्त पर यह बड़ी जानकारी साझा की। हालांकि टाइम पत्रिका ने इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
ऐसे में अगर मौतों के यह आंकड़े सही है तो ईरानी सरकार का आंदोलन को कुचलने के लिए खौफनाक चेहरा सामने आया है। इधर, देश में इंटरनेट और फोन सेवा लगभग पूरी तरह बंद कर हो चुकी है।
इंटरनेट स्वतंत्रता पर नजर रखने वाली संस्था नेटब्लॉक्स ने शासन की तरफ से लागू किए गए इंटरनेट प्रतिबंध का दस्तावेजीकरण किया। संस्था ने बताया कि राष्ट्रव्यापी इंटरनेट बंद किए हुए अब 24 घंटे हो चुके हैं और कनेक्टिविटी सामान्य स्तर के 1% पर स्थिर है। यह जारी डिजिटल ब्लैकआउट ईरानियों के मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है और शासन की हिंसा को छुपाता है।
इससे पहले शुक्रवार को देश में व्याप्त अशांति के बीच सर्वोच्च नेता खामेनेई ने ट्रंप को अमेरिका की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने की नसीहत दी है। खामेनेई ने देश को संबोधित करते हुए कहा था कि प्रदर्शनकारी दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी देश को बर्बाद कर रहे हैं। खामेनेई ने साफ कहा है कि देश विदेशियों के भाड़े के सैनिकों को बर्दाश्त नहीं करेगा। इसी के साथ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी संकेत दिया।

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