बीएमसी चुनावों के लिए ठाकरे बंधुओं ने बदली रणनीति

मुंबई। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) अध्यक्ष राज ठाकरे ने रैलियों के बजाय पार्टी शाखाओं का दौरा करने की रणनीति अपनाई है। इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सीधी पहुंच बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
पहले दोनों नेताओं की मुंबई में तीन बड़ी रैलियां करने की योजना थी। इनमें पूर्वी उपनगर, पश्चिमी उपनगर और दादर के शिवाजी पार्क में एक मेगा रैली शामिल थी। लेकिन अब इस योजना में बदलाव किया गया है। ठाकरे बंधु संयुक्त रूप से पार्टी शाखाओं का दौरा कर रहे हैं, ताकि कार्यकतार्ओं को सीधे संदेश दिया जा सके और स्थानीय मुद्दों पर लोगों से संवाद हो सके।
रविवार रात उद्धव ठाकरे उत्तर मुंबई के दहिसर इलाके के वार्ड नंबर-2 पहुंचे। यहां उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) की उम्मीदवार धनश्री कोलगे के समर्थन में प्रचार किया। धनश्री कोलगे का मुकाबला पूर्व शिवसेना (यूबीटी) पार्षद और अब भाजपा उम्मीदवार तेजस्वी घोषालकर से है। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने स्थानीय कार्यकतार्ओं से मुलाकात की और चुनावी तैयारियों का जायजा लिया।
शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बताया कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच रैलियों को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बाद तय किया गया कि मुंबई में सिर्फ एक ही बड़ी सभा शिवाजी पार्क में होगी। उन्होंने कहा कि जब पार्टी कार्यकर्ता खुद प्रचार में जुटे हैं, तब बड़ी रैलियों में ऊर्जा लगाने के बजाय लोगों तक सीधे पहुंचना ज्यादा जरूरी है।
संजय राउत के अनुसार, ठाणे में एक रैली होगी। इसके अलावा कल्याण और डोंबिवली में रैलियों को लेकर चर्चा चल रही है। नासिक में भी संयुक्त रैली प्रस्तावित है। वहीं, उद्धव ठाकरे छत्रपति संभाजीनगर में भी एक जनसभा को संबोधित करेंगे। पहले योजना थी कि मुंबई और आसपास के इलाकों में कई संयुक्त रैलियां होंगी, लेकिन अब फोकस सीमित सभाओं और शाखा दौरों पर है।
महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होने हैं, जिनमें बीएमसी भी शामिल है। लंबे समय बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने मतभेद भुलाकर ह्लमराठी मानूसह्व के मुद्दे पर गठबंधन किया है। इस गठबंधन को बीएमसी चुनाव में अहम माना जा रहा है, और इसी वजह से दोनों नेता बेहद सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं।




