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बहुत बहादुर थी बेटी महकप्रीत, कहती थी- मैं आईपीएस बनूंगी, लेकिन…’, पिता ने उठाए सवाल

बाराबंकी की नहर में सीतापुर से लापता छात्रा का शव मिला। पहचान होने के बाद घरवाले रो-रोकर बेहाल उठे। परिजनों ने एक युवक की प्रताड़ना से तंग आकर बेटी के आत्महत्या करने की बात कही।

बेटी महकप्रीत बहुत बहादुर थी…ट्रैक्टर चलाकर खेतों की जुताई करती थी, रोज दौड़ लगाती थी। खुद बाइक से कॉलेज जाती थी। कहती थी कि मैं आईपीएस बनूंगी, लेकिन…यह कहते-कहते पिता सरदार जगदीप सिंह की आवाज भर्रा गई।  आंखों में आंसू और जुबां पर तल्खी लिए कहा कि बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। बेटी के दोषियों को सजा दिलाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। फिलहाल महकप्रीत की मौत की उलझी गुत्थी सुलझाने में पुलिस के अभी से पसीने छूटने लगे हैं।

सीतापुर के नेवराजपुर गांव निवासी जगदीप सिंह की बेटी महकप्रीत कौर रोज की तरह 15 दिसंबर को बाइक से शहर स्थित अपने कॉलेज के लिए निकली, लेकिन घर वापस नहीं लौटी। परिजनों ने तलाश शुरू की। एक जनवरी को महकप्रीत का शव बाराबंकी के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में नहर से मिला।

शव कई दिनों पुराना होने के कारण पहचान नहीं हो पा रही थी। तीन दिन तक अज्ञात के रूप में रखे जाने के बाद रविवार को उसे लावारिस मानकर अंतिम संस्कार की तैयारी तक हो गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर पिता जगदीप सिंह रिश्तेदारों के साथ पहुंच गए।
पहचान के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। पिता का कहना है कि बेटी ने बाप की इज्जत बचाने के लिए नहर में छलांग लगाई। हम जान नहीं पाए। छोटी बेटी ने जब बताया कि दीदी को निशांत नाम का युवक परेशान करता था। इसी से तंग आकर उसने यह कदम उठाया। यह सुन पूरा परिवार अवाक रह गया।

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