‘देश को न तो साफ पानी दे सके और न ही साफ हवा’, मल्लिकार्जुन खरगे ने इंदौर जल संकट पर सरकार को घेरा

नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर साफ पानी और साफ हवा न दे पाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। खरगे ने कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत जैसे अभियानों के बावजूद हालात बदतर हैं और आम जनता सबसे ज्यादा परेशान है।
खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का बार-बार प्रचार करते हैं, लेकिन इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों पर उनकी चुप्पी हैरान करने वाली है। उन्होंने कहा कि यह वही इंदौर है, जिसे लगातार आठवीं बार देश का सबसे साफ शहर घोषित किया गया, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि यहां लोगों को पीने का साफ पानी तक नहीं मिल पा रहा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बीते 11 वर्षों में देश को केवल लंबे भाषण, झूठे दावे, खोखले वादे और तथाकथित डबल इंजन सरकार के प्रचार के अलावा कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब मंत्री सवालों के घेरे में आते हैं, तो वे जवाब देने के बजाय गाली-गलौज और धमकाने का सहारा लेते हैं। सत्ता के नशे में सरकार मीडिया और सवाल पूछने वालों पर ही निशाना साधती है।
खरगे ने दावा किया कि सरकार की लगभग सभी योजनाएं भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों से घिरी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के बजट का एक हिस्सा दूषित पानी को शुद्ध करने के लिए रखा गया है, फिर भी हालात बदतर हैं। उनके मुताबिक, इससे साफ है कि योजनाओं का क्रियान्वयन जमीन पर सही तरीके से नहीं हो रहा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने इंदौर के भगिरथपुरा इलाके का जिक्र करते हुए कहा कि दूषित पानी से फैले डायरिया के कारण कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,400 से ज्यादा लोग बीमार पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह सामने आया है कि पीने के पानी की पाइपलाइन में रिसाव के कारण गंदा पानी सप्लाई में मिल गया। रिसाव वाली जगह के ऊपर शौचालय बने होने की बात भी सामने आई है।
खरगे ने कहा कि केंद्र सरकार और भाजपा दोनों ही साफ पानी और साफ हवा जैसी बुनियादी सुविधाएं देने में पूरी तरह नाकाम रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नाकामी का खामियाजा आम जनता भुगत रही है, जबकि जिम्मेदारी तय करने और जवाबदेही निभाने से सरकार बच रही है।




