WordPress

Briefly unavailable for scheduled maintenance.
Check back in a some hours.
Briefly unavailable for scheduled maintenance

WordPress

Briefly unavailable for scheduled maintenance.
Check back in a some hours.
उत्तराखंडः प्रेसिडेंट रूल के खिलाफ कांग्रेस ने हाईकोर्ट में लगाई 4 पिटीशन – Dixit Times
अन्य

उत्तराखंडः प्रेसिडेंट रूल के खिलाफ कांग्रेस ने हाईकोर्ट में लगाई 4 पिटीशन

नई दिल्ली/देहरादून. उत्तराखंड में प्रेसिडेंट रूल लग गया है। केंद्र सरकार ने इसकी सिफारिश की थी, जिसे प्रणब मुखर्जी ने मान लिया। 9 कांग्रेसी विधायकों के बागी होने के बाद ये हालात बने। 2014 चुनावों के दौरान नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस मुक्त भारत की बात की थी। कांग्रेस के पास अब 7 राज्य हैं। इनमें भी बड़ा राज्य सिर्फ कर्नाटक है। असम-केरल में चुनाव हो रहे हैं। यानी 4 छोटे राज्यों में ही कांग्रेस का राज है। इस बीच, कांग्रेस ने इस मसले को कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर ली है। फंस गए रे रावत, जांच में स्टिंग सीडी सही…
– होम मिनिस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, सीएम हरीश रावत की स्टिंग की सीडी जांच में सही पाई गई है।
– जांच के लिए ये सीडी चंडीगढ़ एफएसएल लैब में भेजी गई थी।
– बता दें कि 9 कांग्रेसी विधायकों के बागी होने के बाद रावत की अगुआई वाली कांग्रेस सरकार को 28 मार्च को बहुमत साबित करना था।
– वहीं, कुछ दिन पहले ही एक सीडी आई थी जिसमें रावत का स्टिंग था।
– सीडी में रावत सीट के लिए पैसे की बातचीत करते हुए सुने गए थे।
क्यों लगाया प्रेसिडेंट रूल ?
– बहुमत साबित करने से पहले ही रावत विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर सकते थे।
– कांग्रेस की रणनीति- खुद को ‘शहीद’ और बीजेपी को ‘साजिशकर्ता’ बताने की थी।
बहुमत साबित क्यों नहीं करने दिया?
– बीजेपी का गणित बिगड़ गया था। बागियों को अयोग्य करार देने से सदन में 61 सदस्य थे।
– बहुमत के लिए कांग्रेस को 31 विधायकों की जरूरत होती। कांग्रेस अपने 27 और अन्य 6 विधायकों की बदौलत सरकार बचा लेती।
अब 3 संभावनाएं
पहली– राज्यपाल बीजेपी को बहुमत साबित कर सरकार बनाने का मौका दे सकते हैं।
दूसरी-विधानसभा भंग कर चुनाव हो सकते हैं।
तीसरी-असेंबली का टेन्योर परा होने तक प्रेसिडेंट रूल कायम रह सकता है।
हाईकोर्ट जाएगी कांग्रेस
– उत्तराखंड में प्रेसिडेंट रूल के खिलाफ कांग्रेस नैनीताल हाईकोर्ट में अपील करने जा रही है।
– अभिषेक मनु सिंघवी और कपिल सिब्बल कांग्रेस की ओर से पैरवी करेंगे।
– बताया जा रहा है कि चार पिटीशन फाइल की गई है।
सुप्रीम कोर्ट से राहत आसान नहीं
कॉन्स्टिट्यूशन एक्सपर्ट सुभाष कश्यप ने कहा, ”राष्ट्रपति शासन संविधान के मुताबिक है। फिर भी, कांग्रेस को कोर्ट को बताना होगा कि राष्ट्रपति को पूरी सही जानकारी नहीं दी गई। कोर्ट इस पर राजी हो, तभी कुछ पॉजिटिव होगा।”
हरीश रावत ने कहा था- धमका रही है बीजेपी, जनता के बीच जाऊंगा…
– इससे पहले सीएम हरीश रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर धमकी देने और हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा, ”हम जनता के बीच जाएंगे।”
– रावत ने आरोप लगाया, “बीजेपी लगातार धमकी दे रही है। एक छोटे-से राज्य में प्रेसिडेंट रूल लगाने की बात कही जा रही है।”
– “मैं इसे लोकतंत्र और संविधान की हत्या के रूप में देखता हूं। केंद्र में सत्तारूढ़ दल ने उत्तराखंड में दल-बदल करवाया।”
– “मैं राज्य की जनता से अपील करना चाहता हूं कि वे इन सब बातों को देखें। अगर कोई धमकी देता है तो ये धमकी अर्थपूर्ण हो जाती है।”
– “आप सरकार बदलना चाहते हैं। यानी आप जनता नहीं, पैसे पर विश्वास कर रहे हैं।”
– “आप धनबल से राज्य की राजनीति को प्रभावित करेंगे। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
– “राज्य के हर इंस्टीट्यूशन्स को रन डाउन किया जा रहा है। एक कथित स्टिंग को सही बताया जा रहा है। मैं बताना चाहता हूं कि 50 साल उत्तराखंड की खाक छानी है।”
– “करोड़ों लोगों से संवाद किया है। 24-25 साल से असेंबली में जनता की आवाज उठाता रहा हूं।”
– “एक स्टिंग से मेरी छवि वो लोग खराब कर रहे हैं, जिन पर खुद धोखाधड़ी का आरोप लगा है।”
– “वो किस तरह के लोग हैं, उनका भी डीएनए जांचने की जरूरत है। मेरा डीएनए लोगों का डीएनए है। उसे दूसरों की तरह इम्पोर्ट नहीं किया गया है।”
– “इस मामले को लेकर हम जनता तक जाएंगे। गवर्नर को हटाने की मांग को किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता।”
स्टिंग में फंसे थे सीएम रावत
–इससे पहले रविवार को हरीश रावत के खिलाफ बागी विधायकों ने एक स्टिंग जारी किया।
– इसमें सीएम और एक शख्स के बीच पैसे के लेन-देन की भी बातचीत होने का दावा किया जा रहा है।
– बागी हरक सिंह रावत का आरोप है कि उन्हें और उनके साथियों को जान से मारने की भी धमकी दी जा रही है।
– बागी एमएलए हरक सिंह रावत का आरोप है कि कांग्रेस के नौ बागियों और कुछ बीजेपी विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश की जा रही है।
– हरक सिंह ने कहा, ”हमें जान से मारने की धमकी भी मिल रही है। हमने भारत सरकार से सिक्युरिटी का अरेंजमेंट करने की अपील की है।”
– आरोपों पर उत्तराखंड कांग्रेस का कहना है कि स्टिंग फर्जी है और इसकी जांच की जानी चाहिए।
– जांच में जो भी दोषी हो, उस पर कार्रवाई की जाए।
क्यों हुआ रावत का विरोध?
– कांग्रेस के बागी विधायक हरीश रावत के कामकाज से नाराज चल रहे थे।
– विधायकों का आरोप है कि सरकार में बड़े पैमाने पर करप्शन हो रहा है और राज्य बर्बादी की ओर जा रहा है।
– हालांकि, सूत्रों का कहना है कि बगावत के पीछे विजय बहुगुणा का रोल अहम रहा।
– बहुगुणा रावत को सीएम बनाने को लेकर कई बार खुलकर अपनी नाराजगी जता चुके थे।
– वे पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी की मांग करते आ रहे थे। हरीश रावत खेमा उन्हें जिम्मेदारी देने के विरोध में था।
असेंबली में अभी क्या है हालत?
– 70 सीटों वाली उत्तराखंड असेंबली में कांग्रेस के 36, बीजेपी के 28, निर्दलीय 3, बीएसपी के 2 और यूकेडी का 1 विधायक है।
– कांग्रेस से 9 विधायक बागी हैं। इससे कांग्रेस के पास 27 विधायक रह जाते हैं।

Related Articles

Back to top button