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पहली बार राजनीति में ऐसी गिरावट… राहुल गांधी ने पीएम मोदी को गाली दी, BJP ने की विरोधी कार्रवाई

राहुल गांधी और अभद्र भाषा की राजनीति

बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर अभद्र भाषा का उपयोग किया, जिसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर कड़ी आलोचना की है। बीजेपी का कहना है कि इस तरह की नीचता कभी राजनीति में देखने को नहीं मिली। पार्टी ने यह भी कहा कि यह यात्रा अपमान, घृणा और स्तरहीनता की सारी हदें पार कर चुकी है। इस मामले में पटना में राहुल गांधी के खिलाफ एक मामला भी दर्ज किया गया है, पर कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बीजेपी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के मंच से प्रधानमंत्री मोदी की मां के लिए बेहद अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इस प्रकार की भयंकर भाषा का प्रयोग राजनीति में पहले कभी नहीं हुआ। इस यात्रा ने अपमान और घृणा के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

मंच से गाली दिलवा रहे राहुल गांधी

बीजेपी ने आगे टिप्पणी की कि राहुल और तेजस्वी ने बिहार के लोगों को अपमानित करने वाले नेताओं को अपनी यात्रा में शामिल कर, बिहारवासियों को अपमानित किया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि अब उनकी हताशा इसे लेकर बढ़ गई है कि वे प्रधानमंत्री मोदी की मां को गाली दिलवा रहे हैं। इस गंदी भाषा का प्रयोग इतना घटिया है कि उसे सार्वजनिक मंच पर भी नहीं दोहराया जा सकता।

बीजेपी ने कहा कि अगर राहुल और तेजस्वी हजार बार माफी मांगें, तब भी बिहार की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। यह व्यवहार न केवल शर्मनाक है बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन भी है।

राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज

पटना के गांधी मैदान थाने में बीजेपी कार्यकर्ता कृष्ण सिंह कल्लू ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं। साथ ही, दरभंगा में कांग्रेस के मंच से प्रधानमंत्री और उनकी मां को गालियां दी गईं। इस पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

विपक्ष शब्दों की मर्यादा गिरा रहा – चिराग पासवान

चिराग पासवान ने भी इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई और कहा कि विपक्ष की इस तरह की भाषा न सिर्फ गलत है बल्कि काफी हद तक शब्दों की मर्यादा को गिरा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से प्रधानमंत्री को निशाना बनाना बिलकुल ठीक नहीं है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

उनका कहना है कि राजनीति में किसी के परिवार को इस तरह से टारगेट करना गलत है। यह लोकतंत्र में निंदनीय है। विपक्षी दल जो चोरियों और घोटालों की बातें करते हैं, उन्हें खुद की जवाबदेही पर विचार करना चाहिए। पहले EVM की गड़बड़ी का रोना, अब SIR और वोटर लिस्ट की बात हो रही है। ऐसा लगता है कि ये लोग हमेशा किसी न किसी कारणवश केवल रोना-धोना करने के लिए तैयार रहते हैं।

चिराग ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस देश को अराजकता की ओर ले जा रही है और प्रधानमंत्री मोदी उनकी नकारात्मकता को आगे बढ़ने नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और इसे रोकना होगा।

निष्कर्ष

इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि राजनीति में शब्दों का चयन और भाषा की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण हैं। नेताओं को अपनी बातों को समझदारी और सम्मान के साथ कहने के लिए प्रेरित करना चाहिए। राजनीति में वैमनस्य और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल से केवल समाज में और अधिक विभाजन होगा। यह जरूरी है कि सभी राजनीतिक दल इस दिशा में सोचें और बेहतर संवाद की ओर कदम बढ़ाएं।

यह समय है कि सभी राजनीतिक नेता अपनी जिम्मेदारी को समझें और एक दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखें। इससे न केवल लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी बल्कि समाज में एक सकारात्मक माहौल भी बनेगा।

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