उत्तर प्रदेश में भक्तों और यात्रियों के लिए ईएमयू सेवाओं का पुनः शुभारंभ।

रेलवे प्रशासन ने 1 सितंबर से पहले कोरोनावायरस काल में बंद की गई 64073/74 ईएमयू ट्रेन को फिर से संचालन करने का निर्णय लिया है। इस ईएमयू के नवीनीकरण से स्थानीय निवासियों और दूर-दूर से आने वाले भक्तों को विशेष सुविधा मिलेगी। उल्लेखनीय है कि 25 जून को इलाहाबाद में जोल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी (JRUCC) की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें उत्तर मध्य रेलवे के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में यह विचार विमर्श हुआ कि सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए, हार्डव गंज के निवासी संजय अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि कोसिकलान, हरियाणा और राजस्थान अब यूपी का पहला शहर बन चुका है, जो दो राज्यों की सीमाओं से सटा हुआ है।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने वाले भक्त शनिधाम कोकिलवन, नंदगवन, बारसाना और गोवर्धन की यात्रा के लिए केवल कोसी के माध्यम से यात्रा करते हैं। संजय अग्रवाल ने यह भी बताया कि जो लोग सरकारी नौकरी, कमीशन इत्यादि का काम करते हैं, वे ईएमयू ट्रेन के बंद होने के कारण कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। श्री अग्रवाल की मांग पर समिति ने फिर से ईएमयू चलाने का फैसला किया है, जो 1 सितंबर से पुनः परिचालन शुरू करेगा। नगर पालिका धर्मी अग्रवाल ने संजय अग्रवाल को पत्र भेजकर उनकी प्रशंसा की और धन्यवाद दिया है।
आगरा की ओर ईएमयू ट्रेन चलाने की मांग भी कोविड-19 के बाद से बंद हो गई थी, जो शहर को मथुरा और आगरा से जोड़ती थी। इसी प्रकार, मथुरा, आगरा और फिरोजाबाद जाने वाले छात्रों, विद्यार्थियों और व्यापारियों ने इस ईएमयू को फिर से चलाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस ईएमयू के संचालन से उन्हें बहुत लाभ होगा।
यह निर्णय न केवल क्षेत्र के निवासियों के लिए बल्कि दूर-दराज के यात्रियों के लिए भी लाभकारी होगा। ईएमयू का संचालन फिर से शुरू होना, जन परिवहन की सुविधा को आसान बनाएगा और भक्तों तथा यात्रियों को यात्रा में राहत प्रदान करेगा। स्थानीय निवासियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिससे वे अपनी यात्रा आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
रेलवे प्रशासन का यह कदम यात्रियों के लिए निश्चित रूप से सहायक साबित होगा। न केवल मेहनती लोगों को जो रोज यात्रा करते हैं, बल्कि तीर्थयात्री भी इसका उपयोग कर सकेंगे। इससे रेलवे की यातायात क्षमता भी बढ़ेगी और समय की भी बचत होगी।
भक्तों की आवागमन सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पिछले कुछ समय से ईएमयू के बंद होने से यात्रियों को परिवहन में काफी असुविधाएँ हो रही थीं। अब जब ईएमयू का संचालन फिर से शुरू होगा, लोग आसानी से अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे और धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।
इस निर्णय से पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा, विशेष रूप से उन स्थानों पर जो धार्मिक आस्था से जुड़े हुए हैं। इससे न केवल इलाके के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा। पर्यटकों की बढ़ती संख्या न केवल व्यापारियों के लिए फायदेमंद होगी, बल्कि इससे रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
यह निर्णय सुनिश्चित करेगा कि पूरी प्रणाली सुचारू रूप से काम करे और यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने में कोई दिक्कत न हो। इसके साथ ही, यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन उचित प्रबंध करने का प्रयास करेगा।
यह बेहद महत्वपूर्ण है कि लोग अपने परिवहन के साधनों के प्रति जागरूक रहें और समय पर यात्रा की योजना बनाएं। ईएमयू ट्रेन का पुनः संचालन सभी के लिए सुविधाजनक और लाभदायक होगा।
इस प्रकार, रेलवे प्रशासन का यह निर्णय न केवल युवा पीढ़ी के लिए, बल्कि सभी यात्रियों के लिए अद्भुत होगा। उम्मीद है कि यात्रियों को इस सुविधा का लाभ जल्द से जल्द मिल सकेगा।
सभी वर्ग के लिए यह एक सकारात्मक शुरुआत है और इसे सही दिशा में और बेहतर कार्य करने का अवसर मिलेगा। यह यात्रियों का एक जगह से दूसरी जगह तक पहुँचने का एक बेहतर माध्यम भी साबित होगा।
संक्षेप में, ईएमयू का संचालन फिर से शुरू होना निश्चित रूप से यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है। इससे न केवल संवेदनशीलता के साथ यात्रा की सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी, बल्कि यह संतोषजनक सेवा भी देगा।
इस निर्णय का सभी को स्वागत करना चाहिए और इसे सफल बनाने के लिए सभी को सहयोग देना चाहिए। यह सिर्फ एक ट्रेन का पुनः संचालन नहीं है, बल्कि लोगों की यात्रा को सुगम बनाने का एक उपाय है, जो सभी के लिए लाभकारी होगा।