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पूर्व चयनक द्वारा भारत की टीम पर विवादित बयान; प्रतिक्रिया में उठेंगे आंसू और गुस्सा

2025 एशिया कप से पहले पूर्व चयनकर्ता कृष्णमखरी श्रीकांत के विवादास्पद बयान

2025 एशिया कप से पहले, पूर्व चयनकर्ता कृष्णमखरी श्रीकांत ने भारतीय क्रिकेट टीम के प्रति एक ऐसा बयान दिया है, जो निश्चित रूप से प्रशंसकों में हलचल पैदा कर सकता है। श्रीकांत का कहना है कि भारत की मौजूदा टी20 टीम एशिया कप जीतने की क्षमता रखती है, लेकिन वह 2026 टी20 विश्व कप नहीं जीतेगी।

क्रिस श्रीकांत ने टीम के चयन पर उठाए सवाल

कृष्णमचारी श्रीकांत ने अपने YouTube चैनल पर खुलकर इस विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “हम इस टीम के साथ एशिया कप जीत सकते हैं, लेकिन विश्व कप में कोई मौका नहीं है। क्या आप इस टीम को विश्व कप में ले जाना चाहते हैं? विश्व कप की तैयारी क्या है, जबकि टूर्नामेंट सिर्फ छह महीने दूर है?”

श्रीकांत ने आगे कहा कि एशिया कप के लिए टीम का चयन खिलाड़ियों की वर्तमान प्रदर्शन के बजाय पुराने आंकड़ों के आधार पर किया गया है। उन्हें इस बात की चिंता है कि रिंकू सिंह, शिवम दुबे और हर्षित राणा जैसे खिलाड़ियों का टीम में चयन कैसे किया गया। आईपीएल के पिछले प्रदर्शन पर ध्यान दिया गया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।

नंबर 5 पर बल्लेबाजी का प्रश्न

इसके अलावा, श्रीकांत ने यह भी सवाल किया कि 5 नंबर पर कौन बल्लेबाजी करेगा। उन्होंने संजू सैमसन, शिवम दुबे, रिंकू सिंह या किसी और को 5 नंबर पर चुनने के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि शिवम दुबे का चयन क्यों किया गया है।

उन्होंने यशस्वी जायसवाल का नाम लेते हुए कहा कि उनके प्रदर्शन के बावजूद उन्हें टीम में स्थान नहीं दिया गया। जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट व आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया था, फिर भी उनकी अनुपस्थिति समझ से परे है।

2025 एशिया कप के लिए भारतीय टीम

भारतीय टीम में सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, जितेश शर्मा, अरशदीप सिंह, कुलदीप यादव, संजू सैमसन, हर्षित राणा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती शामिल हैं।

टीम की स्थिति पर चर्चा

सरकारी विश्लेषकों के अनुसार, इस चयन ने प्रशंसकों को गहरी निराशा में डाल दिया है। क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि अगर भारत को 2026 टी20 विश्व कप जीतना है, तो उन्हें युवा और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों पर अधिक ध्यान देना होगा।

आगामी टूर्नामेंट के लिए चयन जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों में टीम के प्रबंधन को नए दृष्टिकोण अपनाने की सख्त आवश्यकता है। भूषण-निर्मित टीम, जिसमें अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का मिश्रण होना चाहिए, वह एकमात्र तरीका है जिससे भारत भविष्य की चुनौती के लिए तैयार हो सकेगा।

भविष्य की तरफ ध्यान

क्रिकेट की दुनिया में हर टूर्नामेंट महत्वपूर्ण है, लेकिन विश्व कप का महत्व कुछ और ही होता है। इसे देखते हुए, चयनकर्ताओं को सोच-समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता है। क्या टीम में उम्रदराज खिलाड़ियों की जगह युवा टैलेंट को तरजीह देने का समय आ गया है?

हर क्रिकेट प्रेमी यही चाहता है कि उनकी टीम निरंतर जीत के पथ पर अग्रसर रहे। लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि चयनकर्ता जिम्मेदारी से निर्णय लें और खिलाड़ियों के फॉर्म तथा उनकी हालिया प्रदर्शनों को ध्यान में रखें।

2026 के विश्व कप की तैयारी में, चाहे वह तकनीकी कौशल हो या मानसिक तैयारी, हर पहलू पर ध्यान देना आवश्यक है। खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी बढ़ानी होगी ताकि वे असली विश्व कप के लिए खुद को तैयार कर सकें।

खेल का भविष्य और युवा क्रिकेटर्स

युवाओं में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन चयनकर्ताओं को सही स्थान पर सही लोगों को पहचानना होगा। यदि ये युवा खिलाड़ी अपने परफॉर्मेंस में निरंतरता रख सकें, तो भारत के पास भविष्य में खिताब जीतने का अच्छा मौका होगा।

भविष्य के क्रिकेट सितारों को मंच प्रदान करना और उन्हें मौका देना, यही सर्वश्रेष्ठ रणनीति होगी। साथ ही, उनके मार्गदर्शन के लिए अनुभवी खिलाड़ियों का होना बहुत जरूरी है। टीम का संतुलन और उसका सही दिशा में बढ़ना ही एक सशक्त टीम की पहचान बनाता है।

राजनीतिक पहलू

देश में क्रिकेट सिर्फ एक खेल ही नहीं, बल्कि एक भावना है। इसके परिणामों पर हर भारतीय की नजर होती है। इसीलिए, चयन के मामलों में न केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन, बल्कि मीडिया और प्रशंसकों की राय का भी ध्यान रखना होता है।

यदि प्रशंसकों का मूड सही नहीं है और वे खिलाड़ीयों के चयन पर सवाल कर रहे हैं, तो इसके पीछे कुछ कारण तो होंगे। इसलिए, चयनकर्ताओं को जनता की भावना को भी समझना होगा और इसी के अनुसार अपना चयन करना होगा।

निष्कर्ष

कृष्णमखरी श्रीकांत का बयान केवल व्यक्तिगत विचार नहीं, बल्कि समग्र भारतीय क्रिकेट की दिशा को निर्धारित करने वाला है। भविष्य में अगर भारत को टी20 विश्व कप की मंज़िल तक पहुँचता है, तो उसे अपनी नीतियों में बदलाव लाने और युवा टैलेंट को महत्वपूर्ण भूमिका में लाने की आकांक्षा बनानी होगी।

इस परिवर्तन का अनुभव एक सच्चे क्रिकेट प्रेमी के लिए सुखद है, और उम्मीद की जाती है कि चयनकर्ता इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे। क्योंकि क्रिकेट का असली मजा तब आता है जब हम अपनी टीम को सर्वोच्च शिखर पर देख पाते हैं।

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