असफलता के सर्वेक्षण के बावजूद, एनडीए सरकार की प्रमुख उपलब्धि है ऑपरेशन सिंदूर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की 11 वर्षों की यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 11 वर्षों से अधिक समय हो चुका है कि वह भारत की राजनीतिक शक्ति में है। पिछले साल, 2024 में, भाजपा ने एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सहयोगियों के समर्थन से बहुमत की प्राप्ति कर सरकार का गठन किया। यह नरेंद्र मोदी के लिए तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर था। लेकिन इस समय की यात्रा में उनकी सरकार की उपलब्धियों और विफलताओं की चर्चा आवश्यक है।
मोदी सरकार की मुख्य उपलब्धियाँ
एक हालिया सर्वेक्षण में देखा गया कि पीएम मोदी और उनकी सरकार के पिछले 11 वर्षों में सबसे बड़ी उपलब्धि राम मंदिर का पुनर्निर्माण माना गया है। इस सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से लगभग 16.7 प्रतिशत ने इसे सरकार की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया। अयोध्या, उत्तर प्रदेश में राम मंदिर का पुनर्निर्माण भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है और इसने पार्टी को उस समय को याद दिलाया है जब यह एक राजनीतिक और धार्मिक प्रतीक बना था।
इसके अतिरिक्त, एक और निर्णायक उपलब्धि के रूप में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को देखा गया, जिसमें 12.2 प्रतिशत लोगों ने इसे मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया। यह ऑपरेशन पाकिस्तान में की गई एक सफल कार्रवाई थी, जिसे मोदी सरकार द्वारा किया गया। इससे सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार की प्रभावशीलता का एक संकेत मिला।
आधुनिक भारत में बुनियादी ढांचे के विकास को भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया है। लगभग 10 प्रतिशत लोगों ने इस पर अपनी सहमति जताई कि मोदी सरकार के नेतृत्व में देश के बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है। इसके साथ ही, अनुच्छेद 370 को हटाने का कदम भी प्रमुख उपलब्धियों में एक रहा है, जिस पर 9.3 प्रतिशत लोगों ने सहमति जताई।
मोदी सरकार की विफलताएँ
हालांकि, मोदी सरकार के पास कई उपलब्धियाँ हैं, लेकिन सर्वेक्षण में यह भी स्पष्ट हुआ है कि उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी विफलता देश में बढ़ती बेरोजगारी मानी गई है। इस संदर्भ में, 27.1 प्रतिशत लोगों ने इसे सरकार की सबसे बड़ी समस्या के रूप में स्वीकार किया। देश की अर्थव्यवस्था और विकास के मुद्दे निर्धारण के बेहद महत्वपूर्ण हैं। बेरोजगारी न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी एक बड़ी समस्या बन गई है।
अर्थव्यवस्था की धीमी वृद्धि का मुद्दा भी लोगों की चिंताओं में शामिल रहा। 6.5 प्रतिशत लोगों ने इसके बारे में अपनी चिंता व्यक्त की। इसके अतिरिक्त, सांप्रदायिक हिंसा और अल्पसंख्यक समुदायों में भय का माहौल भी प्रमुख चिंताओं में रहा। करीब 5.8 प्रतिशत लोगों ने इसे सरकार की विफलता बताया।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। 5.3 प्रतिशत लोगों ने इसे एक बड़ी विफलता समझा, जो साफ दर्शाता है कि समाज में महिलाओं के प्रति सुरक्षा का माहौल सुसंगठित नहीं रहा है। आतंकवाद पर नियंत्रण में विफलता के लिए भी 4.8 प्रतिशत लोगों ने चिंता व्यक्त की।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने पिछले 11 वर्षों में कई उपलब्धियों को अपने नाम किया है। राम मंदिर का पुनर्निर्माण, ऑपरेशन सिंदूर, और बुनियादी ढांचे का विकास ऐसे मुद्दे हैं, जिन्होंने मोदी सरकार की पहचान बनाई। लेकिन इसके साथ ही, बेरोजगारी, धीमी आर्थिक वृद्धि, सांप्रदायिक हिंसा, और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे भी सामने आए हैं।
इस संपूर्ण यात्रा के बीच, यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय राजनीति में उपलब्धियाँ और विफलताएँ दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार को इन समस्याओं का समाधान करने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि वे अपने समर्थकों की अपेक्षाओं को पूरा कर सकें।
इस समय, देश की राजनीतिक दिशा और विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थकों को समझना होगा कि विकास की दिशा केवल सांस्कृतिक या धार्मिक प्रतीकों से नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक संकेतों से भी तय होती है।
अंत में, यह बात ध्यान देने योग्य है कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक समावेशी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जो न केवल विकास में सहायक हो, बल्कि सभी तबकों के लिए समान अवसर भी सुनिश्चित करे।