स्वास्थ्य

जिले में मलेरिया के दो मामले, 4578 घरों में मिले डेंगू लार्वा – भिवानी समाचार

भिवानी में मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियाँ

बारिश के मौसम में जलभराव के कारण मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इस समय भिवानी जिले में मलेरिया के दो मरीज सामने आए हैं, जिनमें से एक गांव मंडाना का और दूसरा मितथल से है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया है ताकि लोगों को इस समस्या के प्रति सचेत किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग का जागरूकता अभियान

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत, शहर में नगर परिषद और कस्बों में नगरपालिका द्वारा फॉगिंग का काम किया जा रहा है। फॉगिंग से मच्छरों की संख्या को कम करने में मदद मिलती है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे को भी न्यूनतम किया जा सकता है।

लोग कौन-कौन सी सावधानियाँ बरतें

जिले में कुल 162 टीमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दरवाजा-डोर अभियान चला रही हैं, जिससे मच्छरों की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। अभियान के तहत अब तक कुल 1371 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। अभी के लिए जिले में कोई डेंगू संक्रमित मरीज नहीं है। एंटी लार्वा अभियान के दौरान, कुल 4578 घरों का निरीक्षण किया गया और इनमें से 1471 जमींदारों को नोटिस जारी किए गए हैं।

इस मौसम में, यह महत्वपूर्ण है कि घरों के पास पानी को इकट्ठा न होने दिया जाए। घर की छतों से अतिरिक्त कचरे को हटाना चाहिए और मच्छरों की रोकथाम के उपाय करने चाहिए। सप्ताह में कम से कम एक बार शुष्क दिन मनाने की सलाह दी गई है, ताकि मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल स्थितियाँ ना बनें।

डॉ. रघुवीर शांडिलिया की सलाह

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुवीर शांडिलिया ने कहा है कि इस मौसम में नागरिकों को अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए और मच्छरों की रोकथाम में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वच्छता सबसे प्रभावी उपाय है, और लोगों को चाहिए कि वे अपने आसपास की सफाई रखें।

स्वास्थ्य विभाग की तैयारियाँ

स्वास्थ्य विभाग की तयारी और अभियानों की स्थिति की बात करें तो, शहरी क्षेत्रों में घर के कवरेज की संख्या 1,17234 है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह संख्या 15,81518 है। इसके अलावा, रैपिड फीवर सर्द सर्वेक्षण में कुल 16,98772 लोगों की जांच की जा चुकी है।

स्वास्थ्य विभाग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रक्त स्लाइड्स की संख्या भी दर्ज की है। इस लाइन में शहरी क्षेत्र में रक्त स्लाइड्स की संख्या 12,971 है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह संख्या 73,614 है। जिले में कुल रक्त स्लाइड्स की संख्या 87,798 है।

कंटेनर चेक और सकारात्मक कंटेनर

कंटेनर चेक के दौरान कुल 21,38,815 कंटेनरों की जांच की गई, जिनमें से 4578 कंटेनर सकारात्मक पाए गए। यह दिखाता है कि जलभराव की स्थिति में मच्छरों के प्रजनन के लिए कितनी संभावनाएँ हैं।

निष्कर्ष

बारिश का मौसम मच्छरों के प्रकोप का मुख्य कारण बनता है, इसलिए नागरिकों को चाहिए कि वे स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के दिशा निदेशों का पालन करें और अपने आसपास की सफाई का ध्यान रखें। केवल इसी तरह से हम मच्छर जनित बीमारियों के प्रकोप को नियंत्रित कर सकते हैं।

स्वास्थ्य विभाग की इन कार्रवाइयों का उद्देश्य जनता को सुरक्षित रखना और मच्छरों से होने वाले रोगों जैसे मलेरिया एवं डेंगू से बचाना है। भिवानी के नागरिकों को भी इस मुहिम में अपने हिस्सेदारी निभानी चाहिए ताकि सभी मिलकर एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण का निर्माण कर सकें।

यदि हम सब मिलकर प्रयास करें, तो निश्चित रूप से इस बार का बारिश का मौसम न केवल सुखद साबित होगा बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभप्रद रहेगा।

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