रामपुर में डेंगू और मलेरिया के मामले बढ़ रहे हैं, खराब स्वास्थ्य सुविधाओं की वजह से।

रामपुर समाचार: मच्छरों का प्रकोप
रामपुर जिले में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। शहर से गाँव और ग्रामीण इलाकों तक यह समस्या एक गंभीर रूप ले चुकी है। स्वास्थ्य प्रणालियों की स्वच्छता की कमी और विफलता के कारण डेंगू और मलेरिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में इन रोगियों के आंकड़ों को दबाया जा रहा है, जबकि डेंगू-मलेरिया के रोगियों का सही आंकड़ा निजी प्रयोगशालाओं में ही उपलब्ध है।
मच्छरों का प्रजनन
बारिश के मौसम में मच्छरों के प्रजनन की दर में वृद्धि हो रही है। इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए फॉगिंग और एंटी-लार्वा के उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन ये केवल कुछ ही चयनित स्थानों पर किए जा रहे हैं। इससे अन्य क्षेत्रों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।
प्रभावित क्षेत्र
रामपुर के कई क्षेत्र जैसे कांशी राम कॉलोनी, एएसआरए कॉलोनी, आवास विकास, सिविल लाइन्स, मिस्टंगंज, वल्मीकि बस्ती और कई अन्य क्षेत्रों में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के डेटा में कई अनियमितताएँ भी चिंताजनक हैं। डेंगू के कई मामलों की पहचान निजी क्लीनिकों में हो रही है, जबकि सरकारी विभाग इस बीमारी की पुष्टि केवल एलिसा जांच के आधार पर कर रहा है।
इस कारण, स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, इस सीज़न में मलेरिया के 32 मामलों की पुष्टि की गई है, जबकि डेंगू के केवल दो मामले दर्ज किए गए हैं। सीएमओ का कहना है कि डेंगू और मलेरिया को रोकने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग का प्रयास
मलेरिया विभाग के कर्मचारी मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए घर-घर जाकर काम कर रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 150 से अधिक बुखार के मरीजों का परीक्षण किया जा रहा है। इन दिनों मौसम में बदलाव के कारण बुखार के रोगियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। नेत्र रोग और मानसिक बीमारियों की समस्याओं में भी इजाफा हुआ है।
संवेदनशील क्षेत्र
डेंगू के लिए संवेदनशील क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
- चमरौया: मनकारा, धुखाई, मदीन उदयराजा, पिपलगांव, तमारीया, नौगवन, बिलासपुर, धवानी हसनपुर, कैमरी।
- स्वार: मसवासी।
- सैंदनगर: अज़िमनगर, दारियागढ़, देवनिया शुमाली, माजहरा, बिजपुरी, बिंदुकधेदा, सारसदी, नागालिया गणेश, मोहम्मदपुर शुमाली।
- मिलक: हुरैया, अहमदनगर, चंदपुरा कादिम।
- रामपुर अर्बन: काशीराम कॉलोनी, पक्का बाग, मोहल्ला कलगर, राजद्वारा, पनवाडिया, माला टॉकीज, पुलिस लाइन, मिस्टंगंज, शाहाबाद गेट, रज़ा टेक्सटाइल, घाटमपुर, टिता वली, कुंज विहार कॉलोनी, हाउसिंग डेवलपमेंट, गंगापुर, नलापार।
पिछले वर्षों में डेंगू मामलों की स्थिति
पिछले पांच वर्षों में डेंगू के मामलों में वृद्धि देखी गई है:
- 2024: 53 मामले
- 2023: 1152 मामले
- 2022: 434 मामले
- 2021: 187 मामले
- 2020: 8 मामले
यह आंकड़े एक गंभीर समस्या को दर्शाते हैं, जो न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता का संकेत देते हैं, बल्कि लोगों के जीवन को भी प्रभावित करते हैं।
उपाय और समाधान
इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए, सरकारी और गैर-सरकारी संगठन दोनों को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है। फॉगिंग और एंटी-लार्वा उपचार को नियमित रूप से सभी क्षेत्रों में लागू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, लोगों को भी जागरूक किया जाना चाहिए कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए उपाय करें।
जन जागरूकता
सभी नागरिकों को चाहिए कि वे इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने में मदद करें। मच्छरों के प्रजनन स्थलों को पहचानें और उन्हें नष्ट करें। जल जमाव को रोकने के लिए उपाय करें और व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान दें।
निष्कर्ष
रामपुर जिले में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को अपने प्रयासों को सुदृढ़ करना होगा और असामान्यताएँ दूर करनी चाहिए। केवल इसी तरह हम इस बीमारी से निपट सकते हैं और हमारे समाज को सुरक्षित रख सकते हैं।
समाज का हर एक सदस्य इस लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए जागरूकता और सक्रियता दोनों आवश्यक हैं। उम्मीद करते हैं कि सभी मिलकर इस मुद्दे का समाधान निकालेंगे और Ramapur को एक स्वस्थ और सुरक्षित स्थान बनाएंगे।