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निक्की की मौत के बाद उसके शव को ससुराल क्यों भेजा गया? एनसीआर में विवादास्पद हालात।

अनसुलझे सवाल: निक्की भाटी की मृत्यु की गुत्थी

ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में एक 28 वर्षीय महिला, निक्की भाटी, की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु का मामला अभी भी रहस्यमय बना हुआ है। इस मामले में दहेज हत्या का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि निक्की के विवाहिक पक्ष का तर्क है कि यह आत्महत्या का मामला है।

संदर्भ

निक्की के मातृ चाचा ने यह आरोप लगाया है कि उनकी भतीजी को दहेज के लिए जलाया गया। दूसरी ओर, निक्की के ससुराल वाले यह कह रहे हैं कि निक्की ने खुद को आग लगा ली। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कई सवाल उठ रहे हैं, जिनके जवाब तलाशना आवश्यक है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि यदि यह हत्या है, तो चार सदस्यों की गिरफ्तारी के पीछे क्या सच्चाई है?

अंतिम संस्कार का मामला

सवाल यह है कि यदि निक्की की हत्या की गई थी, तो उसके मातृ चाचा ने उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए ससुराल वालों को क्यों सौंपा? यह दुसरा प्रश्न यह है कि क्यों दोनों परिवार अंतिम संस्कार के समय तक शांत रहे और बाद में हत्या का आरोप लगा दिया? एक पड़ोसी, प्रकाश प्रधान, ने इस मामले में एक संभावित समझौते का दावा किया है।

पड़ोसी की गवाही

प्रकाश प्रधान, जो विपिन भाटी के पड़ोसी हैं, ने इस मामले में ससुराल वालों का बचाव किया। उन्होंने बताया कि जब निक्की जल रही थी, तब उसका पति बच्चे के साथ कार की सफाई कर रहा था। इस दौरान कंचन नाम की एक महिला ने शोर मचाया, जिससे सभी लोग उस ओर भाग खड़े हुए। प्रधान ने कहा कि दोनों परिवार पोस्टमार्टम के दौरान एक साथ थे, लेकिन बाद में निक्की के परिवार ने आरोप लगाना शुरू कर दिया।

अंतिम संस्कार की शर्तें

प्रधान ने यह भी बताया कि निक्की के मातृ चाचा ने शव के अंतिम संस्कार के लिए एक शर्त रखी थी। उन्होंने कहा कि यदि शव दिया जाए तो यह वादा किया जाए कि जब वे निक्की और कंचन के बच्चों को उनके पास लौटाएंगे, तो ससुराल वाले ऐसा करने से नहीं रोकेंगे। इस समझौते के अनुसार, विपिन भाटी और उनके परिवार ने निक्की का अंतिम संस्कार किया।

घटना के समय का ब्योरा

घटना के समय एक बुजुर्ग व्यक्ति, जो सीसीटीवी में दिख रहा था, ने कहा कि जब निक्की को जलने की घटना हुई, तब उसका पति घर के बाहर था। कंचन ने कहा कि निक्की ने खुद को आग लगा ली थी। एक अन्य सहायक व्यक्ति, अर्जुन ने भी यह बोला कि निक्की को अस्पताल ले जाया गया था, जबकि घर में उसकी सास और पिता-इन-लॉ भी मौजूद थे।

आरोप और पुलिस कार्यवाही

घटना के अगले दिन, निक्की की बहन कंचन ने यह आरोप लगाया कि निक्की को उसके पति और सास ने जला दिया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने निक्की के पति सहित चार परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।

चिकित्सकीय ब्योरा

निक्की की स्थिति को संज्ञान में लेते हुए, अस्पताल में उसके द्वारा दिए गए अंतिम बयान ने इस केस को और भी जटिल बना दिया। उसने बताया कि वह घर में एक सिलेंडर के विस्फोट से झुलस गई है। हालांकि, पुलिस की जांच में इस दावे की पुष्टि नहीं हुई, क्योंकि घर में किसी प्रकार का विस्फोट नहीं हुआ।

निष्कर्ष

निक्की भाटी की मृत्यु का मामला न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह हमारे समाज में दहेज प्रथा और महिलाओं के प्रति हो रही हिंसा की जटिलताओं को भी उजागर करता है। इस केस में कई सवाल उठते हैं और सभी संबंधित पक्षों की गहराई से जांच की आवश्यकता है।

भविष्य में इस मामले का क्या परिणाम निकलेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। क्या आरोप सिद्ध होंगे या फिर यह सब किसी गलतफहमी या पारिवारिक विवाद का नतीजा है? इस मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए सही तथ्यों और सबूतों की आवश्यकता है।

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