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सनी लियोनी ने बच्चों की सरोगेट母 को बड़ी रकम दी, जो अब अपना घर खरीद चुकी है।

सनी लियोनी, बॉलीवुड की एक चर्चित हस्ती हैं, जो अपनी फिल्मों और वैवाहिक जीवन के अलावा व्यक्तिगत रूप से भी चर्चा का विषय बनती रही हैं। खासकर, जब बात उनके बच्चों की सरोगेसी की आती है। हाल ही में सनी ने इस विषय पर खुलकर बातचीत की और कई बातें सामने रखी हैं।

सनी लियोनी ने अपनी सरोगेट मां को काफी बड़ी रकम दी थी, जिससे उसने अपना एक नया घर खरीदा। सनी ने बताया कि इस प्रक्रिया में आर्थिक योगदान तो महत्वपूर्ण था ही, लेकिन इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण उनके बच्चे का भविष्य और उनकी खुशियों का होना था। सनी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह निर्णय बड़े सोच-विचार के बाद लिया और हर कदम को बारीकी से समझा।

उन्होंने बताया कि उनकी सरोगेट मां ने उन्हें हर सप्ताह पैसे दिए। यह भुगतान इस वजह से था ताकि सरोगेट मां को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें और वह मानसिक रूप से भी तैयार रहें। सनी का मानना है कि सरोगेसी एक ऐसा विकल्प है, जो कई दंपतियों के लिए खुशियों का एक नया द्वार खोलता है, खासकर उन लोगों के लिए जो अपने बच्चों की इच्छा रखते हैं लेकिन स्वाभाविक रूप से गर्भ धारण नहीं कर पाते।

सनी ने यह भी कहा कि सरोगेट मां ने एक भव्य घर खरीदा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आर्थिक मदद ने उसकी जिंदगी को कैसे बदल दिया है। सनी की कहानी इस बात की मिसाल है कि कैसे सरोगेसी केवल एक जन्म देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक रिश्ते और सहयोग का एक नया रूप भी है।

सनी ने इस प्रक्रिया को कई दृष्टिकोण से देखा। उन्होंने कहा कि सरोगेसी एक संवेदनशील विषय है जिस पर बातचीत करना आवश्यक है। उन्हें लगता है कि समाज में सरोगेसी के प्रति जागरूकता की कमी है, और इससे संबंधित कई मिथक और भ्रांतियाँ भी प्रचलित हैं। सनी का उद्देश्‍य इन भ्रांतियों को तोड़ना था, ताकि और भी महिलाएँ सरोगेसी के फायदे समझें।

इसके अलावा, सनी ने यह भी बताया कि वे पहले भी एक बच्ची को गोद ले चुकी हैं, जो उनके परिवार का एक हिस्सा बन चुकी है। यह कदम भी उन्होंने सोच-समझकर उठाया था, ताकि वे एक जिम्मेदार मां बन सकें। उनका कहना है, “मैं जानती थी कि गोद लेने और सरोगेसी दोनों ही निर्णय खंडित किए गए परिवारों के लिए खुशियों का स्रोत हो सकते हैं।”

सनी लियोनी की कहानी यह दर्शाती है कि वह केवल एक अभिनेत्री नहीं हैं, बल्कि एक ऐसी महिला भी हैं जो अपने बच्चों के लिए हर संभव प्रयत्न कर रही हैं। यह प्रेरणादायक है कि कैसे उन्होंने अपनी सफलताओं के साथ-साथ मातृत्व के सफर को भी अपनाया है।

यह बात भी समझने योग्य है कि सरोगेसी के पीछे केवल यह आर्थिक पहलू नहीं है, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और बच्चों का भविष्य भी महत्वपूर्ण है। सनी ने साझा किया कि उन्होंने समझा है कि बच्चे को जन्म देना और उसे बड़े करना एक सम्पूर्ण प्रक्रिया होती है, जो केवल शारीरिक संबंध से नहीं बल्कि गहन भावनात्मक संबंध से भी होती है।

सनी के अनुसार, आज का समाज सरोगेसी को एक नए दृष्टिकोण से देख रहा है। पहले इसके प्रति जो दृष्टिकोण था, वह धीरे-धीरे बदल रहा है। आज कई लोग इस विकल्प को खुले दिल से स्वीकार कर रहे हैं, क्योंकि यह उन दंपतियों के लिए एक नया अवसर है, जो माता-पिता बनने की इच्छा रखते हैं।

इस सब के बीच, सनी ने सरोगेट मां की भूमिका को भी धन्यवाद दिया। उनका मानना है कि हर मां के दिल में अपने बच्चे के प्रति अपार प्रेम होता है, चाहे वह उसे जन्म दें या सरोगेट के माध्यम से। इस प्रकार, सनी ने एक नया संदेश भी देने की कोशिश की है कि सरोगेसी को सामान्य और सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना चाहिए।

सनी की कहानी में एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि वे अपने बच्चे के लिए एक सुरक्षित और खुशहाल भविष्य चाहती हैं। उनकी शब्दों में एक सच्ची मां का प्यार है। सनी ने विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखा है कि उनके बच्चे को एक ऐसी जीवनशैली मिले, जिसमें प्यार, समर्थन और सुरक्षा हो।

सनी लियोनी की कहानी, उनके बच्चों और सरोगेसी के बारे में उनके विचार एक प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं। उनकी दिशा में आगे बढ़ना और इस विषय पर खुलकर बात करना उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है जो खुद को मातृत्व के सफर पर ले जाना चाहते हैं।

इस प्रकार, सनी लियोनी सिर्फ एक प्रभावशाली अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक मजबूत और सोच-समझकर निर्णय लेने वाली मां भी हैं। उनका यह सफर बेहद प्रेरणादायक है, जो न केवल फिल्म उद्योग में बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए एक नई राह दिखा सकता है जो माता-पिता बनने के सपने देखता है।

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